अप्रैल माह का अंतिम दिन सबसे गर्म दिन महसूस किया गया। शनिवार को पारा 45.5 डिग्री तक पहुंच जाने से लोग बेहाल रहे। दिन में आसमान से आग बरसने ऐसे हालाता और गर्म हवाओं से जनजीवन बेहाल रहा। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा नजर आया। जरूरी काम से निकले लोग धूप से बचाव कर घरों से बाहर निकल रहे है।
शनिवार सुबह से ही सूरज की किरणें लोगों का बदन झुलसा रही थी। जैसे जैसे दिन चढ़ता गया गर्मी का प्रकोप भी बढ़ता गया। हालात यह रहे कि दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। प्रतिष्ठानों में बैठे व्यापारी बिजली जाने के बाद हाथ के पंखों का सहारा लेते नजर आते है। जरूरी काम से आने जाने वाले लोग मुंह में नकाब व हाथों में दस्ताना पहन कर ही निकले।
गर्मी का मौसम शुरू हो जाने के बाद भी पालिका व तहसील प्रशासन ने अभी तक सार्वजनिक स्थानों में प्याऊ की व्यवस्था नहीं कराई है। जिससे प्यास लगने पर लोगों को जेब ढीली करनी पड़ रही है। शिक्षण सत्र शुरू हो जाने से बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। दोपहर के समय छुट्टी होने पर चिलचिलाती धूप में छात्र-छात्राएं घर पहुंचने के लिए पसीना बहाते है।