अन्ना प्रथा की रोकथाम के लिए डीएम की अध्यक्षता में सेवायोजन सभागार में आयोजित बैठक में किसानों और ग्राम प्रधानों ने अपनी-अपनी गायों को बांधने का सुझाव दिया। बैठक में इस मुहिम को सफल बनाने में सहयोग करने की अपील की गई। सिंघनपुर बघारी के किसान और पूर्व सैनिक हुकुम सिंह
ने बताया कि गांव में लोेगों को गोवंश के महत्व को बताते हुए अन्ना पशुओं की व्यवस्था की जा रही है। किसान घनश्याम त्रिपाठी ने सुझाव दिया कि हर किसान पशुओं के लिए एक-एक बीघा में चारे या बरसीम की बुआई करें। इससे पशुओं को बांधकर खिलाया जा सकता है। साथ ही ऐसा न करने वालों के
खिलाफ प्रशासन कार्रवाई करें तभी अन्ना पशुओं पर रोक लग सकती है। बैठक में ग्रामीणों को अपनी अपनी गायों की जिम्मेदारी लेने पर भी जोर दिया गया। बैठक में उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि प्रशासन अन्ना प्रथा को रोकने के लिए उनके साथ खड़ा है। साथ ही किसानों से अपील की कि वह
अपने पशुओं को बांधे। यदि कोई व्यक्ति ऐसा नहीं करता है तो प्रशासन को सूचना दें उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने समाजसेवियों से अपील की कि ग्राम समाज की जमीन पर तारबाड़ी बनवाने के लिए ग्रामीणों का सहयोग करें। डीएम ने कहा कि प्रत्येक गांव में मुनादी कराकर प्रत्येक व्यक्ति को
अपनी-अपनी गाय बांधने के निर्देश एसपी की मौजूदगी में दिए जाएंगे। उन्होंने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को नस्ल सुधार और बधियाकरण की कार्रवाई प्रत्येक गांव में करने के निर्देश दिए। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह, सीडीओ एके सिंह, जिला विकास अधिकारी विनय कुमार,
डीआईओ राममनोहर त्रिपाठी, उपायुक्त मनरेगा पीएन दीक्षित, समाजसेवी उमेश उपाध्याय, शिवकुमार गोस्वामी, व्यापारी रामजी गुप्ता, डा. ज्ञानेश अवस्थी, रमेश जैदका, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि रमेश यादव सहित तमाम लोग मौजूद रहे।