महोबा। शहर के मोदी ग्राउंड में चल रहे सात दिवसीय सूर्य महोत्सव की दूसरी शाम घटनृत्य व लोकनृत्य के नाम रही। तीन लोक के स्वामी, तीनों बाण चलाओ न....की धुन पर थिरकते हुए युवाओं ने सूर्य महोत्सव की दूसरी शाम को यादगार बना दिया। भजन गायिका अधिष्ठा-अनुष्का की प्रस्तुतियों के साथ देर रात तक कार्यक्रम चला। आल्हा गायन, किस्सागोई और घट नृत्य की प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों का मन मोह लिया।
महोबा जिला सृजन दिवस के अवसर पर आयोजित हो रहे सूर्य महोत्सव की दूसरी शाम की शुरुआत प्रतीक्षा यादव के आल्हा गायन से हुई। उन्होंने बुंदेलखंड के वीरों के साथ वीरांगनाओं के शौर्य का वर्णन करते हुए पानीदार यहां का पानी, आग यहां के पानी में...आल्हा गायन प्रस्तुत किया। इसके बाद मृदुल गौरव रावत का भजन गायन शुरू हुआ। तुमको तकते-तकते मेरी सांसें खत्म हुईं, कैसे मिलोगे तुम बताना सही-सही भजन से उन्होंने ईश्वर के प्रति अपनी भक्ति और प्रेम को प्रदर्शित किया। तेरा दर तो हकीकत में खुशियों का खजाना है, दरबार तेरा बाबा जन्नत का नजारा है...की प्रस्तुति पर दर्शक झूमने को मजबूर हो गए। इसके बाद लोकगीत गायिका अर्चना पटैरिया मंच पर आईं और बुंदेली लोकगीत नैन पुतरिया, सोन चिरैया, कुल न दाग लगैयो, हंसी खुशी सें जाव सासरे, बड़े मजे सें रईयो को सुनकर लोग भावविभोर हो गए।
पानी भरबे मैं गई थी दुपरिया में, कीने मारो गुलेल गगरिया में...जनम की बैरन सास-ननदिया, मोसें पानी भरावें दुपरिया...गीत पर घट नृत्य की प्रस्तुति पंकज तिवारी और उनकी टीम ने दी। सिर पर कलश रखकर कीलों के ऊपर नृत्य करती नृत्यांगनाओं को देखकर दर्शक दंग रह गए। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच सूर्य महोत्सव के मंच को साहित्य से जोड़ने का प्रयास किया गया। देश में किस्सागोई की कला में निपुण कलाकारों में शामिल डॉ. प्रज्ञा शर्मा और हिमांशु वाजपेयी ने यहां पर झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की शौर्यगाथा को प्रस्तुत किया। एक अलग तरीके के कार्यक्रम की प्रस्तुति और लक्ष्मीबाई की कहानी को सुनकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। अबोध सोनी के निर्देशन में तान्या गुप्ता ग्रुप ने डिमरियाई नृत्य की प्रस्तुति दी। डीमरा की ने फेंक दओ जाल, फंस गई जल मछली...गीत पर दर्शक भी थिरकने लगे। इसके बाद अधिष्ठा-अनुष्का ने मंच संभाला और भजनों की एक के बाद एक कई जबरदस्त प्रस्तुतियां देकर मंच को जीवंत कर दिया। तीन लोक के स्वामी, तीनों बाण चलाओ न, मुश्किल में है दास तेरा अब जल्दी आओ न... और करके इशारों बुलाए रही रे, बरसाने की छोरी...राधा गोरी गीत की प्रस्तुतियों पर मंच के सामने बैठे दर्शक खूब झूमते नजर आए। कार्यक्रम में प्रस्तुतियां देने वाले कलाकारों को जिलाधिकारी गजल भारद्वाज, सीडीओ बलराम, बीएसए राहुल मिश्रा, पर्यटन सूचना अधिकारी डॉ. चित्रगुप्त श्रीवास्तव, मंच संचालक शिक्षिका अपर्णा नायक ने सम्मानित किया।
बुंदेली व्यंजनों के साथ गौरा पत्थर के उत्पादों को सराहा
महोबा। सूर्य महोत्सव के शुक्रवार को मोदी ग्राउंड में बुंदेलखंडी व्यंजन प्रतियोगिता में 11 प्रतिभागियों ने और एक जनपद एक उत्पाद प्रतियोगिता में 18 प्रतिभागियों ने अपने स्टॉल के माध्यम से प्रदर्शन किया। बुंदेलखंडी व्यंजन के अंतर्गत यहां के प्राकृतिक उत्पादों चने साग, माडे़, कड़ी, चटनी, सामा की खीर इत्यादि के माध्यम से प्रतिभागियों ने अपने व्यंजन कला का प्रदर्शन किया। एक जनपद एक उत्पाद के अंतर्गत जनपद के गौरहारी, श्रीनगर व कुलपहाड़ से आए हुए गौरा पत्थर शिल्प और धातु शिल्प के प्रतिभागियों ने अपने सूर्य थीम व सामान्य थीम के अंतर्गत बने हुए उत्पादों का प्रदर्शन किया। मेले में आए अनेक लोगों ने इन उत्पादों की प्रशंसा की। स्टॉल का जिलाधिकारी गजल भारद्वाज, मुख्य विकास अधिकारी बलराम कुमार, अपर जिलाधिकारी कुंवर पंकज आदि ने अवलोकन किया।
स्कूली बच्चों के कार्यक्रमों ने मन मोहा
महोबा। सूर्य महोत्सव के दूसरे दिन शिक्षा विभाग का सम्मेलन आयोजित किया गया। उच्च प्राथमिक विद्यालय बरा की छात्राओं ने नृत्य प्रस्तुत किया। प्रावि कुल्लाई पहाड़िया ने हनुमान चालीसा पर मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। यहां पर ज्ञानस्थली पब्लिक स्कूल, सरस्वती विद्या मंदिर, संत जोसफ्स स्कूल, केंद्रीय विद्यालय, साईं इंटर कॉलेज, जीजीआईसी, माधव इंटरनेशनल, रामश्री महाविद्यालय, जनतंत्र इंटर कॉलेज, आरबीपीएस कुलपहाड़, स्वामी विवेकानंद, डीएवी इंटर कॉलेज आदि के छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इसमें रामश्री महाविद्यालय को प्रथम, उप्रावि बरा, जनतंत्र इंटर कॉलेज, पीएमश्री जीजीआईसी को संयुक्त रूप से दूसरा व प्रावि कुल्लाई पहाड़िया को तीसरा स्थान मिला। (संवाद)
फोटो 13 एमएएचपी 11 परिचय-आल्हा गायन की प्रस्तुति देते बच्चे। संवाद- फोटो : शहर के नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में की जा रही सजावट।
फोटो 13 एमएएचपी 11 परिचय-आल्हा गायन की प्रस्तुति देते बच्चे। संवाद- फोटो : शहर के नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में की जा रही सजावट।
फोटो 13 एमएएचपी 11 परिचय-आल्हा गायन की प्रस्तुति देते बच्चे। संवाद- फोटो : शहर के नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में की जा रही सजावट।
फोटो 13 एमएएचपी 11 परिचय-आल्हा गायन की प्रस्तुति देते बच्चे। संवाद- फोटो : शहर के नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में की जा रही सजावट।