कुलपहाड़ (महोबा)। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में फर्जी तरीके से बीमा कराने के मामले में लगातार गड़बड़ी सामने आ रही हैं। कुलपहाड़ तहसील के खौनरिया गांव में जालसाजों ने अधिवक्ता की जमीन पर भी फर्जी तरीके से फसल बीमा कराकर क्लेम हड़प लिया। परेशान अधिवक्ता ने एसडीएम को शिकायती पत्र देकर आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
तहसील कुलपहाड़ के खौनरिया गांव निवासी लक्ष्मण सिंह यादव कुलपहाड़ बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष हैं। उन्होंने एसडीएम डॉ. प्रदीप कुमार को शिकायती पत्र देकर बताया कि गाटा संख्या 90 लक्ष्मण सिंह, दरियाव सिंह, प्रेम सिंह और खलक सिंह के नाम दर्ज है। इस जमीन पर निकेता, प्रदीप निवासी करहराडांग के नाम से फसल बीमा कराया गया है। जब करहराडांग गांव में छानबीन की गई तो पता चला कि इस नाम का कोई भी व्यक्ति करहराडांग गांव का निवासी नहीं है। इसी प्रकार गाटा संख्या 89/6 खलक, दरियाव के नाम दर्ज है। इसमें रामदुलारी निवासी करहराडांग के नाम से फर्जी फसल बीमा करा लिया गया।
गाटा संख्या 85/4 जमुना, मंगना, बंटी के नाम है और गाटा संख्या 85/3 खुमान के नाम है। इस डेढ़ हेक्टेयर जमीन पर सगुन ने अपनी भूमि दिखाकर बीमा कराया। इसी तरह गाटा संख्या 86 उमाशंकर आदि के नाम दर्ज है। इस दो हेक्टेयर जमीन का बीमा देवेंद्र ने करा लिया है। गाटा संख्या 88/3 रामस्वरूप व दासियां के नाम और गाटा संख्या 88/2 दसिया के नाम दर्ज है। इनमें फर्जी तरीके से राजकुमारी ने फर्जी बीमा कराते हुए क्लेम हड़प लिया। इन सभी लोगों ने अपना पता करहराडांग लिखवाया है जबकि गांव में इस नाम के व्यक्ति निवास नहीं करते हैं। इस तरह का फर्जीवाड़ा सामने आने पर अधिवक्ता ने फर्जीवाड़ा करने वालों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की है। वहीं, एसडीएम डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि इस मामले की जांच की जा रही है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।