बांदा के संत दिलीप सिंह ने कहा कि मानव जीवन का मूल उद्देश्य परमात्मा की प्राप्ति है, जो संत के शरणागत होने से मिलता है। जिन्होंने परमात्मा को जाना है, उन्होंने अपनी आत्मा का भी कल्याण किया है, परलोक भी संवारा है। अगर परमात्मा को नहीं जाना तो मानव जीवन केे मूल लक्ष्य से दूर हैं।
वे रविवार को संत निरंकारी मंडल के सत्संग कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जो परमात्मा का बोध प्राप्त कर लेता है, उसके मन में उजाला आ जाता है। उसके भ्रमों की दीवारें गिर जाती है। जैसे दीपक के जलने से अंधेरे का विनाश हो जाता है, उसी तरह ज्ञान का उजाला पाकर भ्रांतियां मिट जाती है।
उन्होंने कहा कि यदि मानव ईश्वर से नाता जोड़ ले तो मन को भ्रमों से निजात मिल जाएगी। सत्संग में गीतकारों ने गीतों के माध्यम से अपनी भावनाओं को सद्गुरु के चरणों में समर्पित किया। सत्संग कार्यक्रम का संचालन रमाकांत ने किया। इस मौके पर सैकड़ाें की संख्या में भक्त मौजूद रहे।