फोटो 07 एमएएचपी 09 परिचय-दुकान में ग्राहकों के कुर्ताें की फिटिंग करते टेलर रसीद अहमद। संवाद
महोबा। होली के बाद अब बाजार में ईद की रौनक देखने को मिल रही है। ईद पर छोटे बच्चे, युवा, बुजुर्ग, महिलाएं सभी इस दिन नए परिधान पहनते हैं। ऐसे में बाजार में कपड़ों की खरीदारी तो अभी से शुरू हो गई है। हालांकि पर्व की रफ्तार अभी देखने को नहीं मिल रही है लेकिन तैयारियां जोरों पर चल रही है। इसका प्रमाण यह है कि शहर के नामचीन टेलरों की ओर से कुर्ता और पायजामा बनाने की बुकिंग बंद कर दी गई है। ईद पर सबसे अधिक पुरुषों में कुर्ता और पायजामा पहना जाता है। इसमें लोगों की पसंद पठानी कुर्ता है। दूसरे नंबर पर कढ़ाईदार कुर्ता आता है।
शहर का खनगा बाजार ईद की खरीदारी को लेकर तैयार हो रहा है। यहां पर कपड़ों की सिलाई करने वाले टेलर रसीद अहमद बताते हैं कि कुर्ते और पायजामे समेत अन्य कपड़ों की बुकिंग बंद कर दी गई है। पर्व नजदीक हैं और ऐसे में बड़े पैमाने पर कुर्ते और पायजामों के ऑर्डर लिए गए हैं। अनुमान के तहत अब तक करीब 950 कुर्ते-पायजामे बनाने का ऑर्डर लिया गया है। जिनको समय पर देना ही सबसे बड़ी चुनौती होती है। कारीगरों पर दबाव न पड़े, इसलिए अब ग्राहकों को मना किया जा रहा है कि वह दूसरी दुकानों पर कुर्ते व पायजामे का ऑर्डर दें। उन्होंने बताया कि वर्तमान में सबसे अधिक पठानी कुर्ता पसंद किया जा रहा है। युवाओं को कढ़ाईदार कुर्ता भी पसंद आता है। सिलाई कारीगर सोनू बताते हैं कि कॉटन के कुर्ते, ईद में सबसे अधिक बनते हैं। महंगे कपड़े में लेनिन आता है और इसके भी ऑर्डर उनके पास हैं। ईद में बेहतर कारोबार की उम्मीद है।