चैत्र नवरात्र के अंतिम दिन देवी मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ी। शुक्रवार को भक्तों ने मां के नवम स्वरूप सिद्धिदात्री का पूजन कर सुख समृद्धि मांगी। जगह-जगह कन्याभोज व भंडारे के आयोजन हुए। बड़ी चंद्रिका में चल रहे मेले में महिलाओं ने घरेलू सामान व पूजा सामग्री की खरीददारी की।
शहर के शक्तिपीठ मां बड़ी चंद्रिका, छोटी चंद्रिका, कालीमाता, सिंहवाहनी, चकौटादेवी, शारदामाता, गायत्री मंदिर आदि मंदिरों में सुबह से ही पूजा-अर्चना के लिए महिलाओं की भीड़ थी। शुक्रवार को नवरात्र के अंतिम दिन भक्तों ने मां के नवम स्वरूप सिद्धिदात्री की आराधना की। बड़ी चंद्रिका में माथा टेकने के बाद भक्तों ने मेले का आनंद उठाया। बच्चों ने झूलों का लुत्फ लिया।
मां सिद्धिदात्री के दरवार में भक्तों ने माथा टेका। सभी सिद्धियां देने वाली मां होने के कारण इन्हें सिद्धिदात्री माना गया है। मंदिर के पुजारी चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय ने बताया कि भगवान शिव ने इन्हीं शक्ति स्वरूपा देवी की उपासना करके सभी सिद्धियां प्राप्त की थी। जिसके प्रभाव से शिवजी का आधा शरीर स्त्री का हो गया था, और वह अर्ध नारीश्वर कहलाए।