फोटो 28 एमएएचपी 06 परिचय-इस ऐतिहासिक कीरत सागर तट किनारे आज जुटेगी मेलाप्रेमियों की भीड़। संवाद
फोटो 28 एमएएचपी 07 परिचय-कजली मेले को लेकर कीरत सागर तट पर लगे झूले। संवाद
फोटो 28 एमएएचपी 08 परिचय-कीरत सागर तालाब फुल होने के चलते सुरक्षा को लेकर की गई बेरीकेडिंग। संवाद
फोटो 28 एमएएचपी 09 परिचय-मेले में जुटने वाली भीड़ पर इन वाच टावरों से होगी निगरानी। संवाद
फोटो 28 एमएएचपी 10 परिचय-सात दिन तक चलने वाले कार्यक्रमों को लेकर तैयार हो रहा मंच। संवाद
फोटो 28 एमएएचपी 11 परिचय-मेलास्थल मार्ग पर गड्ढे और जलभराव होने से मेलाप्रेमी झेलेंगे परेशानी। संवाद
- शहीद स्थल हवेली दरवाजा से शुरू होगी शोभायात्रा, कीरत सागर में भुजरियों का होगा विसर्जन
-एक सप्ताह तक कीरत सागर के आल्हा व सांस्कृतिक मंच में दिन-रात चलेंगे कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। आल्हा-ऊदल की वीरता के प्रतीक उत्तर भारत के मशहूर कजली मेले का शनिवार को भव्य शोभायात्रा के साथ आगाज होगा। इसमें सात दिन तक 24 घंटे बुंदेली लोक विधाओं से जुड़े कार्यक्रम होंगे। इस बार मेले में एक लाख से अधिक लोगों की भीड़ जुटने की उम्मीद है। बीते 844 वर्षों से रक्षाबंधन के अगले दिन से यह मेला लगता आ रहा है। कीरत सागर के पास दो किलोमीटर के दायरे में मेला लगेगा। यहां लोग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लेंगे।
शोभायात्रा शहर के शहीद स्थल हवेली दरवाजा मैदान से दोपहर दो बजे से शुरू होगी। शोभायात्रा का शुभारंभ जिले के जिले के प्रभारी मंत्री मनोहर लाल कोरी फीता काटकर करेंगे। मेले में सात दिन तक आल्हा गायन, लोकगीत, लोक नृत्य, राई नृत्य, बृज की होली, कॉमेडी नाइट, बॉलीवुड नाइट आदि कार्यक्रम होंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए लखनऊ, कानपुर, जौनपुर, अयोध्या, संत कबीरनगर, दिल्ली, भोपाल, मऊरानीपुर, दतिया, सागर, गोरखपुर आदि जनपदों से कलाकारों को आमंत्रित किया गया। मुख्य आकर्षण रंग भारती लखनऊ का हंसी का हंगामा, स्वरांजलि एंटरटेनमेंट का रहस्य द म्यूजिकल बैंड दिल्ली व इंडियन आइडल नाइट में दिव्यांशी मौर्या की प्रस्तुति रहेंगी। शोभायात्रा के लिए 60 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।
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मेले के समय शहर में रहेगा रूट डायवर्जन
महोबा। ऐतिहासिक कजली मेला महोत्सव में शोभायात्रा और 15 दिन तक चलने वाले मेले के दौरान रूट डायवर्जन रहेगा। शनिवार को बांदा, कबरई व खन्ना की ओर से आने वाले मेला से संबंधित वाहन हमीरपुर चुंगी और रामलीला मैदान में पार्क होंगे। इसी तरह छतरपुर व श्रीनगर की ओर से आने वाले वाहन पुलिस लाइन होते हुए सीओ आवास के सामने मैदान में पार्क होंगे। कस्बा कुलपहाड़ और पनवाड़ी से आने वाले वाहन बीएसएनएल टावर से मुड़कर पॉलीटेक्निक के पीछे मैदान खड़े होंगे। कस्बा चरखारी से आने वाले वाहन बजरिया चौकी से होकर पॉलिटेक्निक मैदान में पार्क होंगे। बिलवई से आने वाले वाहन करिया पठवा ईदगाह, पठा रोड के वाहन वीरभूमि डिग्री कॉलेज के पास व लवकुशनगर की ओर से आने वाले वाहन कंचन गार्डन में पार्क होंगे। इसके अलावा राठ चुंगी से बिलवई तिराहा, झलकारी बाई तिराहा से ललता भवन तक मेला क्षेत्र में कोई भी दो पहिया, तिपहिया और चार पहिया वाहन प्रवेश नहीं करेंगे। मेले के दौरान किसी भी तरह के भारी वाहन को शहर में प्रवेश नहीं मिलेगा। एसपी शशांक सिंह ने बताया कि इसी तरह बस संचालन के लिए मार्ग चयनित किए गए हैं। बस स्टैंड महोबा से चरखारी जाने वाली सभी बसें हमीरपुर चुंगी, सागर रोड, पुलिस लाइन, कुलपहाड़ रोड, सूपा होते हुए जाएंगी। (संवाद)
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कजली मेले की शोभायात्रा में शामिल होंगे 50 घोड़े
महोबा। कजली मेले में पालिका की ओर से निकाली जाने वाली शोभायात्रा में चार हाथी, पांच ऊंट व 50 घोड़े शामिल होंगे। मेले के पहले दिन शहर के शहीद स्थल हवेली दरवाजा से विशाल एवं भव्य शोभायात्रा की शुरूआत होगी। पालिका ईओ अवधेश कुमार ने बताया कि शोभायात्रा में 35 झांकियां शामिल होंगी। इसके अलावा रमतूला वादकों के साथ बुंदेली लोक संगीत से जुड़े कलाकारोंं को आमंत्रित किया गया है। पालिका की ओर से कीरत सागर तट पर 10 नाविकों की व्यवस्था की गई है। (संवाद)
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सीसीटीवी की नजर में रहेगा मेला स्थल
महोबा। कजली मेले में सुरक्षा व्यवस्था और मेला स्थल पर निगाह रखने के लिए जगह-जगह सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की गई है। इन सीसीटीवी कैमरों को कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है। यह कैमरे कीरत सागर तट पर चप्पे-चप्पे पर लगाए गए हैं। इसके अलावा जगह-जगह वॉच टावर बनाए गए हैं। (संवाद)
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यह है कजली मेले का इतिहास
महोबा। महोबा का ऐतिहासिक कजली मेला वीर आल्हा-ऊदल के शौर्य व पराक्रम से जुड़ा है। सन् 1182 में दिल्ली नरेश पृथ्वीराज चौहान ने महोबा में चढ़ाई कर दी थी। उस समय आल्हा-ऊदल कन्नौज में थे। पृथ्वीराज की योजना राजा परमाल की बेटी चंद्रावल का डोला लूटने की थी। महोबा को चारों ओर से घेर लिए जाने की सूचना पर आल्हा-ऊदल साधु वेश में महोबा आए। रक्षाबंधन के दिन कीरत सागर तट पर आल्हा-ऊदल और पृथ्वीराज चौहान की सेना के बीच भीषण युद्ध हुआ। रक्षाबंधन के अगले दिन आल्हा-ऊदल ने दिल्ली नरेश की सेना को खदेड़ दिया। युद्ध में विजय मिलने पर महोबा में विजयोत्सव मनाया गया। तब से कजली मेला अनवरत लगता चला आ रहा है।
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मेले में एक लाख की भीड़ जुटने की उम्मीद
महोबा। कजली मेले में भारी जनसैलाब उमड़ेगा। करीब एक लाख की भीड़ जुटने की उम्मीद है। मेले के पहले दिन बुंदेलखंड के सभी जनपदों के साथ मध्यप्रदेश के छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना, सागर, दतिया समेत दूर-दूर से मेला प्रेमी आएंगे। शहीद स्थल से शुरू होने वाली शोभायात्रा तहसील चौराहा, मुख्य बाजार, ऊदल चौक, सुभाष चौक, खोया मंडी होते हुए कीरत सागर तट पहुंचेगी। जहां भुजरियों का विसर्जन किया जाएगा। शहर में जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए हैं। कजली मेले को लेकर एक दिन पहले से ही लोगों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। अधिकांश लोग अपने रिश्तेदारों के यहां रुके, जो शनिवार को कजली मेले में शामिल होंगे। (संवाद)
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मेलास्थल के गड्ढे व जलभराव से जूझेंगे मेलाप्रेमी
महोबा। कीरत सागर तट पर लगने वाले कजली मेले को लेकर दुकानें और झूले लग गए हैं। मेलास्थल पर कई स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढे व जलभराव होने से मेलाप्रेमियों को दिक्कत होगी। पालिका प्रशासन ने इन गड्ढों को दुरुस्त करने का काम नहीं किया। इससे कीरत सागर तट पर जुटने वाली हजारों की संख्या में मेला प्रेमियों की भीड़ को कीचड़ के बीच दिक्कत का सामना करना पड़ेगा।
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कजली मेले में पूरी सतर्कता व जिम्मेदारी से करें ड्यूटी : एसपी
महोबा। कजली मेला महोत्सव को शांतिपूर्ण, सकुशल और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने को लेकर एसपी शशांक सिंह ने शुक्रवार को कीरत सागर स्थित कार्यक्रम स्थल, मेला परिसर, शोभायात्रा के निर्धारित मार्ग व संबंधित चौकियों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद एसपी की अध्यक्षता में मेला और जुलूस की सुरक्षा में लगे पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों की ब्रीफिंग की। एसपी ने कहा कि ड्यूटी में लगे सभी अधिकारी और कर्मचारी अपने-अपने ड्यूटी प्वाइंटों पर पूर्ण सतर्कता व जिम्मेदारी के साथ ड्यूटी का निर्वाहन करें। किसी भी वांछित गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई करें। बताया कि मेला परिसर में अस्थायी मेला कोतवाली की स्थापना की गई है, जिसके प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार सिंह को नामित किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए तीन अस्थायी पुलिस चौकियों का गठन किया गया है। इस दौरान अपर एसपी वंदना सिंह, एडीएम इंद्रनंदन सिंह, सीओ सदर रविकांत गोंड, सीओ अजय पाल सिंह मौजूद रहे। (संवाद)
फोटो 28 एमएएचपी 10 परिचय-सात दिन तक चलने वाले कार्यक्रमों को लेकर तैयार हो रहा मंच। संवाद
फोटो 28 एमएएचपी 10 परिचय-सात दिन तक चलने वाले कार्यक्रमों को लेकर तैयार हो रहा मंच। संवाद
फोटो 28 एमएएचपी 10 परिचय-सात दिन तक चलने वाले कार्यक्रमों को लेकर तैयार हो रहा मंच। संवाद
फोटो 28 एमएएचपी 10 परिचय-सात दिन तक चलने वाले कार्यक्रमों को लेकर तैयार हो रहा मंच। संवाद
फोटो 28 एमएएचपी 10 परिचय-सात दिन तक चलने वाले कार्यक्रमों को लेकर तैयार हो रहा मंच। संवाद