बुंदेलखंड को हराभरा बनाने के लिए 1200 करोड़ की महत्वाकांक्षी परियोजना धन आवंटन न होने से अधर में लटक गई है। छह माह से परियोजना का कामकाज ठप होने से नाराज बुंदेलखंड के दो राज्य सभा सदस्यों ने सदन में अर्जुन सहायक परियोजना के लिए धन आवंटन का मुद्दा उठाया।
साथ ही केंद्र सरकार पर बुंदेलखंड की उपेक्षा का आरोप लगाया।
वर्ष 2009 में शुरू हुई अर्जुन सहायक परियोजना के तहत लहच्यूरा बांध के बारिश में बर्बाद होने वाले पानी को नहर के जरिए कबरई बांध में डालने और दो जिलों की नहर से सिंचाई कराने के लिए परियोजना की शुरुआत की गई थी। इसमें प्रदेश और केंद्र सरकार द्वारा पैसे का आवंटन किया जा रहा था।
लहच्यूरा बांध से कबरई तक करीब 75 किलोमीटर लंबी नहर की खुदाई करा दी गई है। बीच-बीच में कुछ स्थानाें पर किसानाें को मुआवजा न मिलने के कारण नहर का कार्य नहीं हो सका है।
राज्यसभा सांसद विशंभर निषाद और राज्य सभा सांसद डॉ. चंद्रपाल सिंह यादव ने राज्यसभा सदन में केंद्र सरकार पर अर्जुन सहायक परियोजना के लिए पैसा स्वीकृत न किए जाने का आरोप लगाते हुए बताया कि पैसे के अभाव में 900 करोड़ की महत्वाकांक्षी परियोजना का कार्य बंद हो गया है।
भाजपा सरकार से पहले यूपीए सरकार बराबर इस परियोजना के लिए पैसा आवंटित कर रही थी।