हादसे में शिक्षक की मौत के बाद जिला अस्पताल में मौजूद लोग।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की उदासीनता के चलते सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में गंदगी पटी पड़ी है। इससे अस्पताल आने-जाने वाले लोग मुंह में रुमाल लगाकर आते है। बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग अंजान बना है।
स्वास्थ्य विभाग बीमारियों से बचने के लिए लोगों को साफ-सफाई रखने की सलाह देता है, लेकिन अस्पताल परिसर में स्वयं महकमा सफाई कराने में नाकाम साबित हो रहा है। मरीजों के साथ अस्पताल आने वाले तीमारदार भी गंदगी की दुर्गंध से बीमार हो जाते है। अस्पताल परिसर में गंदगी और कूड़े के ढ़ेर बीमारियों को दावत दे रहे है। अस्पताल के समीप रहने वाले लोगों का भी दुर्गंध से बुरा हाल है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा भी समय-समय पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुलपहाड़ का औचक निरीक्षण किया जाता है, लेकिन अधिकारियों की नजर गंदगी पर नही पड़ती। यही वजह है कि महीनों से अस्पताल परिसर गंदगी से पटा पड़ा होने के बाद भी स्वास्थ्य महकमा ध्यान नहीं दे रहा है। समाजसेवी संजय पस्तौर ने अस्पताल परिसर में पड़ी गंदगी को हटवाए जाने की मंाग की है जिससे आसपास के लोगाें को बीमारियों से बचाया जा सके।