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Mahoba News: बुंदेली लोक नृत्य व गायन के नाम रही कजली मेले की शाम

Wed, 21 Aug 2024 11:51 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
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महोबा। ऐतिहासिक कजली मेले की पहली शाम लोक गायन और नृत्य के नाम रही। स्थानीय व बाहरी कलाकारों ने बुंदेली संस्कृति की झलक बिखेरी।
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आल्हा गायकों ने वीर आल्हा-ऊदल की 52 गढ़ की लड़ाइयों का वीर रस में वर्णन किया। वहीं, सरिता यादव लखनऊ एंड पार्टी ने लोकनृत्य की शानदार प्रस्तुति से सभी का दिल जीत लिया। देर रात तक कार्यक्रम देखने के लिए हजारों की संख्या में मेला प्रेमियों की भीड़ जुटी रही।
कीरत सागर तट पर बने सांस्कृतिक मंच पर सात दिवसीय मेले के कार्यक्रमों की शुरूआत जलशक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद, पूर्व सांसद पुष्पेंद्र सिंह चंदेल, एमएलसी जितेंद्र सिंह सेंगर, सदर विधायक राकेश गोस्वामी और अपर जिलाधिकारी रामप्रकाश ने फीता काटकर की।
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पहली प्रस्तुति संत जोसेफ स्कूल के बच्चों ने दी। उन्होंने मां चंद्रिका की वंदना पेश की। इसके बाद झांसी से आईं प्रगति ने सरस्वती वंदना पेश की। वीणापाणि संगीत महाविद्यालय की छात्रा तान्या गुप्ता ने नृत्य के साथ स्वागत गीत पेश कर सभी का दिल जीता। आल्हा गायक बृजेंद्र कुमार ने आल्हा-ऊदल की लड़ाइयों का वर्णन किया। कहा कि भारत की हर बेटी झांसी की रानी हो।
इसके बाद सरिता यादव लखनऊ एंड पार्टी ने लोकनृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। ज्ञानेश्वर ज्ञानी लखनऊ की टीम ने एक सितारा डॉ. आंबेडकर नाटक का मंचन कर खूब वाहवाही लूटी।
पहली शाम की अंतिम प्रस्तुति रामसेवक तिवारी एंड पार्टी की रही। इसमें कलाकारों ने माड़ौ की लड़ाई का शानदार मंचन किया। मंचन में दिखाया कि जब आल्हा-ऊदल को पता चला कि उनके पिता का वध माड़ौगढ़ के राजा करिया ने किया था। तब उनके मन में बदला लेने की इच्छा जागृत हुई।
माता की आज्ञा लेकर आल्हा, ऊदल व मलखान माड़ौ में चढ़ाई कर देते हैं और करिया व उसके पिता जंबे को मारकर अपने पिता का बदला लेते हैं। इस मौके पर संगीताचार्य पं. जगप्रसाद तिवारी, मेला प्रभारी सीएल साहू, शिक्षिका अपर्णा नायक आदि मौजूद रहे।

आल्हा मंच में आल्हा गायन की रही धूम
महोबा। कजली मेले में कीरत सागर तट पर बने आल्हा मंच में पूरी रात आल्हा गायन की धूम रही। कुनहटा से आए आल्हा गायक शैलेंद्र कुमार ने वीर आल्हा-ऊदल की लड़ाइयों का बखान किया। इसके अलावा सत्तीदीन प्रजापति मटौंध, रघुवीर यादव फतेहपुर, जुग्गीलाल दौलतपुर, जयकरन, विनोद, रमेश सिंह बांदा ने भी आल्हा गायन से सभी का दिल जीता। आल्हा मंच के अध्यक्ष शरद तिवारी दाऊ ने गायकों को सम्मानित किया।

मेले में दिखीं अव्यवस्थाएं, जलभराव से परेशानी
महोबा। मेलास्थल कीरत सागर में मेले के पहले दिन ई अव्यवस्थाएं नजर आईं। वहीं अधिक किराया वसूले जाने से दुकानदार मायूस रहे। मंगलवार की देर शाम आधे घंटे बारिश हुई। जोरदार बारिश से मेलास्थल पर डाली गई डस्ट बह गई और बड़े-बड़े गड्ढे हो गए। इससे मेला प्रेमियों को परेशानी हुई। कीरत सागर तट पर बने वाटर पोस्ट में पानी न आने से मेला प्रेमी इधर-उधर भटकते रहे। मनोज, रामप्रकाश, प्रमोद आदि ने बताया कि उन्हें आठ से दस हजार रुपये में दुकानें दी गई लेकिन सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। चाट-बताशा ठेला संचालकों से भी रुपये वसूले जा रहे हैं। (संवाद)

झूलों का लिया आनंद, जमकर हुई खरीदारी
महोबा। कजली मेले के पहले दिन देर रात तक और बुधवार को पूरे दिन मेलास्थल लोगों से खचाखच भरा रहा। बच्चों व युवाओं ने मेले में लगे विभिन्न प्रकार के झूलों का लुत्फ उठाया। वहीं महिलाओं ने दुकानों से घरेलू उपयोग की जमकर सामग्री खरीदी। दोनों मंचों पर चल रहे कार्यक्रमों का भी लोगों ने परिवार समेत आनंद लिया।
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आज के मुख्य आकर्षण
महोबा। कजली मेले में कीरत सागर तट स्थित सांस्कृतिक मंच पर चल रहे कार्यक्रमों में 22 अगस्त को मुख्य आकर्षण राजा-रैंचो रहेंगे। रंग भारती लखनऊ की ओर से आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम रात आठ बजे से होगा। रंग भारती अध्यक्ष श्याम कुमार ने बताया कि हंसी का हंगामा कार्यक्रम में मुंबई के मशहूर कलाकार राजा-रैंचो प्रस्तुति देंगे। रात 10.30 बजे कानपुर के द हिलियंस ग्रुप का बॉलीवुड नाइट कार्यक्रम होगा। (संवाद)
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