सीएमओ कार्यालय में सफाई कार्य में जुटे कर्मचारी
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सूबे का निजाम बदलते ही सरकारी कार्यालयों की तस्वीर भी बदलने लगी है। यूपी के मुख्यमंत्री के सफाई अभियान का असर निचले स्तर तक दिखाई देने लगा है। यही वजह है कि वर्षों से गुटखा व पान की पीक से रंगी दीवारें साफ सुथरी नजर आने लगी है। सरकारी कार्यालयों में कर्मचारी साफ-सफाई में जुटे है। कई स्थानों पर नोटिस बोर्ड चस्पा कर गंदगी फैलाते मिलने पर जुर्माना वसूलने के आदेश दिए है।
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सफाई अभियान के तहत पहले तो विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्वच्छता की शपथ ली। उसके बाद युद्ध स्तर पर सफाई कार्य शुरू करा दिया गया है। शुक्रवार को कलक्ट्रेट व विकास भवन स्थित विभिन्न विभागों के कार्यालयों में कर्मचारी साफ सफाई में जुटे रहे। सीएमओ कार्यालय में भी पान व गुटखे की पीक से रंगी दीवरों को साफ किया गया। वर्षों से धूल फांक रही फाइलें भी साफ होने लगी है।
कुलपहाड़ में नगर पंचायत से लेकर स्कूल व तहसील भवन में साफ-सफाई का काम शुरू हो गया है। पान की पीकों को मिटाने के लिए युद्ध स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। चेयरमैन विमलादेवी अनुरागी ने नगर पंचायत में नोटिस चस्पा करा गंदगी करने पर 200 रुपये का जुर्माना करने के आदेश दिए है।
वहीं, एसडीएम विनय पाठक ने तहसील परिसर में सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के आदेश दिए है। एसडीएम का कहना है कि यदि कोई गंदगी फैलाता मिला तो सीधे कार्रवाई की जाएगी। चेतावनी के बाद सुधार न होने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिले के सरकारी और गैर सरकारी कार्यालयों में सफाई अभियान तेज हो गया है। जिले भर के कार्यालयों में अभियान चलाया जा रहा है। किस कार्यालय में गंदगी है कितनी साफ सफाई कराई गई। इसकी भी निगरानी करने के लिए अफसर तैनात कर दिए गए है। शुक्रवार को जिलाधिकारी अजय कुमार सिंह ने कलेक्ट्रेट का निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था देखी। निरीक्षण दौरान कोई भी कर्मचारी पान गुटखा खाते नहीं पाया गया।
अपर जिलाधिकारी आनंद कुमार ने जिला अस्पताल का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखी। एडीएम ने जिला अस्पताल में जाकर वार्डाें में भर्ती मरीजों से पूछताछ की गई। इसके बाद अस्पताल की सफाई व्यवस्था देखी। सीएमएस को सफाई व्यवस्था और बेहतर करने के निर्देश दिए।