फोटो 21 एमएएचपी 17 परिचय-सिजहरी गांव में खेल मैदान के पास विवाद के बाद तैनात पुलिस बल। संवाद
श्रीनगर (महोबा)। ब्लॉक कबरई के सिजहरी गांव में खेल मैदान के पास महिला का शव दफनाने को लेकर चल रहे विवाद का आखिरकार हल निकल आया है। जमीन की पैमाइश के बाद अल्पसंख्यक समाज के लोग कब्रिस्तान के लिए पहले से आरक्षित जमीन पर ही शव दफनाने पर राजी हो गए हैं। इसके बाद अब प्रशासन और पुलिस ने राहत की सांस ली है।
ग्राम पंचायत सिजहरी की जमीन के गाटा संख्या 1993 और 1996 सटे हुए है। गाटा संख्या 1993 में और कुछ अंश 1996 में खेल मैदान है। गाटा संख्या 1996 में कुछ परती भूमि खाली पड़ी थी। 18 फरवरी को सिजहरी निवासी मदीना की मौत हो जाने के बाद खेल मैदान से सटे हुए मैदान में शव को दफनाया गया था। इस पर ग्राम प्रधान नरेश राजपूत समेत स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई थी। ग्राम प्रधान ने दावा किया था कि जिस स्थान पर शव दफनाया गया, वह भूमि खेल मैदान के नाम से प्रस्तावित है। कब्रिस्तान की भूमि अलग है। इस बात को लेकर दोनों पक्षों में तनाव की स्थिति बन गई थी। हिंदू संगठनों ने खेल मैदान के पास शव दफनाए जाने का विरोध करते हुए धरना देने की चेतावनी भी सोशल मीडिया के माध्यम से दी थी। इसके बाद से प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति की समीक्षा की गई। तीन दिनों की तनावपूर्ण स्थिति के बीच शनिवार को एक बार फिर से एसडीएम शिवध्यान पांडेय, सीओ दीपक दुबे, श्रीनगर थाना पुलिस और राजस्वकर्मी सिजहरी गांव पहुंचे। यहां कब्रिस्तान के लिए चकबंदी के समय से आरक्षित की गई जमीन की पैमाइश की गई। एसडीएम शिवध्यान पांडेय का कहना है कि पैमाइश कराने के बाद अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को कब्रिस्तान के लिए जगह चिन्हित कर दी गई है। इसके साथ ही अब से इसी आरक्षित जमीन पर शव दफनाने पर सहमति बन गई है। अब खेल मैदान के लिए प्रस्तावित जमीन पर कोई शव नहीं दफनाया जाएगा।
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