महोबा। कोतवाली कुलपहाड़ के ग्राम सुगिरा में कर्ज से पहले से ही परेशान
किसान की इस साल भी खरीफ की फसल बर्बाद हो जाने से आहत किसान ने जहर खाकर
जान दे दी। किसान के ऊपर पांच लाख से ज्यादा बैंक और साहूकारों का कर्ज था।
ग्राम सुगिरा निवासी गनपत (48) पुत्र दसुआ ने कृषि कार्य के लिए किसान क्रेडिट कार्ड से तीन लाख रुपये इलाहाबाद बैंक से चार साल पहले कर्ज लिया था। इसके अलावा दो लाख रुपये साहूकारों से लिया था। कई सालों से फसल अच्छी न होने के कारण किसान कर्ज की अदायगी नहीं कर पा रहा था, लेकिन किसान ने हिम्मत नहीं हारी और कर्ज का भारी बोझ होने के बाद भी हर साल कृषि कार्य में मेहनत से जुटा रहा। इस साल उसने खरीफ की फसल में तिली, उर्द, मूंग की बुवाई की थी। फसल काफी अच्छी होने के कारण किसान को इस साल कर्ज की अदायगी होने की उंमीद थी, लेकिन डेढ़ माह तक बारिश न होने से उर्द, मूंग और तिली की फसल पूरी तरह सूखकर बर्बाद हो गई। इससे किसान काफी आहत हो गया और उसने जहर खा लिया। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। उपजिलाधिकारी कुलपहाड़ मोहम्मद रिजवान का कहना है कि उनके पास अभी इस तरह की कोई सूचना नहीं आई है, सूचना मिलने पर जांच पड़ताल कराई जाएगी।