महोबा। किशोरी से दुष्कर्म के चार साल पुराने मामले में शुक्रवार को फैसला सुनाया गया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम/अपर सत्र न्यायाधीश संदीप चौहान ने अभियुक्त सुधीर सिंह को दोषी ठहराया। उसे दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई। साथ ही सुधीर सिंह पर सात हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। घटना 27 जनवरी 2022 की दोपहर की है।
कस्बा कबरई के एक मोहल्ला निवासी महिला ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि 27 जनवरी 2022 की दोपहर उसकी 16 वर्षीय बेटी घर पर अकेली थी जबकि परिवार के अन्य सदस्य अपने प्लाट में काम करा रहे थे। उसी समय पड़ोस में मकान बनवा रहा सुधीर सिंह घर में घुस गया और बेटी के साथ छेड़खानी करते हुए दुष्कर्म किया।
बेटी के शोर मचाने पर सभी लोग घर पहुंचे तो आरोपी भागने लगा। रोकने पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए धमकी दी कि किसी से शिकायत की तो जान से मार देंगे। इसके बाद वह भाग निकला। इसके बाद पीड़िता की मां ने थाने पहुंच तहरीर दी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किए। कोर्ट ने शुक्रवार को मामले की सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया।