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निष्ठा प्रशिक्षण में शिक्षकों को मिल रहा खारा पानी

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चरखारी (महोबा)। लेखपाल ट्रेनिंग सेंटर में अव्यवस्थाओं के बीच निष्ठा प्रशिक्षण चल रहा है। 150 अध्यापकों को प्रशिक्षण के लिए चयनित किए गए हॉल में सभी अध्यापक नहीं बैठ पा रहे हैं। इतना ही नहीं, पीछे बैठने वाले अध्यापकों को प्रशिक्षण ठीक तरह से नहीं मिल रहा है। ट्रेनिंग सेंटर में जनरेटर का इंतजाम न होने से लाइट जाने पर अंधेरा हो जाता है और प्रोजेक्टर बंद हो जाता है।
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विकासखंड चरखारी के अध्यापकों को पांच दिवसीय निष्ठा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण लेने वाले 150 अध्यापकों को भोजन में दो रसेदार सब्जी के स्थान पर एक रसेदार सब्जी दी जा रही है। एक सूखी सब्जी, दाल, चावल, पापड़, रायता, मीठा और बिसलेरी की बोतल मीनू के अनुरूप दी जानी है, लेकिन ट्रेनिंग सेंटर में बिसलेरी पानी के स्थान पर खारा पानी पिलाया जा रहा है। इससे अध्यापकों में आक्रोश है। दिन में तीन बार नाश्ते की बजाय एक बार ही नाश्ता दिया जा रहा है। इनवर्टर और जनरेटर का भी कोई इंतजाम नहीं है।
विकासखंड चरखारी के लिए 11.60 लाख रुपये प्रशिक्षण के लिए विभाग द्वारा आवंटित किया गया। करीब 700 अध्यापकों की ट्रेनिंग में दी गई भारी भरकम धनराशि को बंदरबाट किया जा रहा है। प्रशिक्षण केंद्र में फोटोग्राफर की व्यवस्था करके वीडियोग्राफी कराने का प्रावधान है, लेकिन न तो फोटोग्राफी और न ही वीडियोग्राफी कराई जा रही है। इतना ही नहीं केंद्र में पंखा तक नहीं लगाया गया। जिससे गर्मी में लोगों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। पैसा आने के बाद भी शिक्षण देने वाली सामग्री (टीएलएम) नहीं रखी गई। इस सामग्री से जानकारी मिलती है कि बच्चों को कैसे पढ़ाना है।
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पांच दिवसीय प्रशिक्षण में 150-150 अध्यापकों को प्रशिक्षण दिया जाता है। अगले पांच दिन में दूसरे अध्यापकों को प्रशिक्षण दिया जाता है। भोजन मीनू के अनुरूप दिया जा रहा है। पानी कम पड़ने पर हो सकता है कुछ लोगों ने बोर का पानी पिया हो। सुधार किया जाएगा।
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क्षमा पांडेय, खंड शिक्षा अधिकारी, चरखारी
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