महोबा/खरेला। शहर के एक निजी क्लीनिक में पैर दर्द का इलाज कराने गई कक्षा पांच की छात्रा की हालत बिगड़ गई। दवा खाते ही पूरे शरीर में चकत्ते पड़ गए।
डॉक्टर ने इलाज से हाथ खड़े करते हुए जिला अस्पताल जाने की सलाह दी। परिजन छात्रा को झांसी ले जाने लगे, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। परिजनों ने निजी क्लीनिक के डॉक्टर पर गलत इलाज करने का आरोप लगाते हुए विभागीय उच्चाधिकारियों से शिकायत की है।
थाना खरेला के चंदौली निवासी रामकुमार त्यागी की बेटी रक्षा (10) गांव के ही कन्या प्राथमिक विद्यालय में कक्षा पांचवीं की छात्रा थी। 14 दिसंबर को विद्यालय से घर आने पर छात्रा ने पैरों में दर्द होने की बात परिजनों को बताई। परिजन उसे सीएचसी चरखारी ले गए। जहां डॉक्टर ने दवाएं दीं, लेकिन आराम नहीं मिला।
तब परिजन छात्रा को शहर के एक निजी क्लीनिक में ले गए। जहां डॉक्टर ने पांच दिन की दवाएं लिखीं। दवा खाने के बाद सोमवार को छात्रा की हालत बिगड़ गई। पूरे शरीर पर चकत्ते पड़ने पर परिजन उसे दोबारा क्लीनिक ले गए, लेकिन डॉक्टर ने हाथ खड़े हुए जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी।
जिला अस्पताल से छात्रा को मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। पिता ने डॉक्टर के गलत इलाज से छात्रा की मौत का आरोप लगाया है। सीएमओ डॉ. आशाराम का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है। जांच कराई जाएगी।