अन्ना जानवर की पीठ पर नंबर लिखते समिति के लोग।
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बुंदेलखंड के किसानों को अन्ना जानवरों से निजात दिलाने की दिशा में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अब भले ही गंभीरता दिखाई हो, लेकिन इससे पहले ही चरखारी ब्लॉक के पुन्निया गांव केे किसानों ने इसका नायाब तरीका ढूंढ निकाला है। इस गांव के किसानों ने एक-एक अन्ना जानवर गोद लिया है। हरेक की जवाबदेही तय करने को निगरानी समिति भी बनाई है। जानवरों की पीठ पर नंबर लिखे गए हैं ताकि पता चल सके कौन से नंबर का जानवर किसने गोद लिया है।
यदि किसी किसान ने गोद लिया जानवर छोड़ा तो उस पर जुर्माना किया जाएगा। गांव और खेत में घूम रहे अन्ना जानवरों से पुन्निया के किसान बेहद त्रस्त थे। जानवर इनकी फसल चट कर रहे थे। किसानों ने कई बार प्रशासन से गुहार लगाई, पर कोई सार्थक कार्रवाई नहीं हुई। इस पर किसानों ने खुद पहल की। किसानों तीन दिन पहले बैठक कर रणनीति बनाई। यहां घूम रहे जानवरों को चिह्नित किया। गांव में तकरीबन ढाई सौ जानवर मिले। यहां के प्रत्येक किसान ने एक-एक जानवर गोद लेकर बांध लिया।
अब प्रत्येक जानवर की पीठ पर नंबर डाला जा रहा है। किस किसान ने कौन सा मवेशी गोद लिया है, इसका ब्यौरा मोबाइल नंबर के साथ रजिस्टर में दर्ज किया गया है। निगरानी समिति के सदस्य इन पर निगाह रखेंगे। समिति को यह भी अधिकार है कि यदि चिह्नित जानवर खुला घूमता मिले तो गोद लिए किसान से 1100 रुपये जुर्माना वसूले।
यदि दूसरी बार मवेशी खुला पाया गया तो किसान के विरुद्ध पुलिस कार्रवाई की जाएगी। मोहल्लेवार गठित कमेटियों में प्रधान प्रतिनिधि धर्मपाल अहिरवार, अरविंद अवस्थी, राजू गौतम, कल्लू गुरुदेव, रामसजीवन तिवारी, कामता प्रसाद, धर्मसिंह, पूर्व प्रधान भजनलाल कुशवाहा, शमसेर खां, नवल किशोर, चंद्रशेखर सहित कई किसान शामिल किए गए हैं।