महोबा। भीषण गर्मी के बीच शहर का आधा इलाका बृहस्पतिवार से आठ घंटे बिजली कटौती से जूझेगा। शहर के चरखारी बाईपास मार्ग पर फोरलेन सड़क के निर्माण के लिए यहां पोल शिफ्टिंग और केबल बदलने का काम किया जाएगा। निगम की ओर से बिजली कटौती को लेकर पत्र जारी किया गया है। पोल शिफ्टिंग का काम दस दिन चलने की उम्मीद है। ऐसे में सुबह-शाम चार-चार घंटे की बिजली कटौती से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित होगी।
शहर के झलकारी बाई तिराहा से लेकर परमानंद चौराहा तक फोरलेन सड़क का शिलान्यास तीन माह पहले किया गया था। सड़क के किनारे से पोल शिफ्टिंग को लेकर शुरुआत में कार्य धीमी गति में चला। डीएम के निर्देश पर अब बिजली निगम ने इस काम में तेजी दिखाई है। बिजली निगम की ओर से जारी पत्र में बताया गया है कि बिजली वितरण खंड महोबा के तहत 33/11 केवी बिजली उपकेंद्र कीरतसागर व बजरिया में बाईपास रोड के चौड़ीकरण का कार्य कराया जा रहा है।
इससे उपकेंद्र से जुड़े शहर के परमानंद चौराहा, गांधीनगर, आल्हा चौक और ऊदल चौक की बिजली आपूर्ति 21 मई से कार्य पूरा होने तक प्रतिदिन सुबह पांच से नौ बजे तक व शाम चार से आठ बजे तक बाधित रहेगी। बिजली निगम की ओर से उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि बिजली व्यवधान के दौरान वैकल्पिक व्यवस्था करके निगम का सहयोग करें। इस काम में करीब दस दिन का समय लग सकता है। ऐसे में शहर के आधे इलाके को भीषण गर्मी के बीच प्रतिदिन आठ घंटे की बिजली कटौती से जूझना होगा। उधर, बिजली निगम के अधिशासी अभियंता गौरव प्रकाश का कहना है कि काम पूरा होने के बाद नियमित आपूर्ति दी जाएगी।
केबल के आसपास पेड़ों की टहनियों की शुरू हुई छटाई
श्रीनगर। भीषण गर्मी व इसके बाद बारिश के सीजन में बिजली आपूर्ति को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए बिजली निगम ने कमर कस ली है। बिजली केबल के आसपास पेड़ों की टहनियों को काटने और ढीले तारों को सही करने का कार्य शुरू कर दिया गया है। कस्बा श्रीनगर में संचालित 33 केवी उपकेंद्र से 42 गांव को बिजली आपूर्ति की जाती है। इसके लिए पूरे क्षेत्र में लगभग 60 किमी बिजली लाइन बिछी है। कई स्थानों पर पेड़ों के समीप से बिजली के तार गुजरे है। आंधी-बारिश में तार पेड़ों से टकराते हैं। इसके चलते बिजली आपूर्ति प्रभावित होती है। अधीक्षण अभियंता लक्ष्मीशंकर के निर्देश पर पावर हाउस में तैनात अवर अभियंता देवकीनंदन के नेतृत्व में लाइनमैन एक सप्ताह से तारों में लगने वाले पेड़ों की छटाई करा रहे हैं।