बातचीत करते पूर्व केंद्रीय मंत्री
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पूर्व केन्द्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने गौरहारी खदान में श्रमिकों की मौत के लिए प्रदेश सरकार को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि खनन मानकों की अनदेखी के बीच भूमाफियाआें ने करोड़ों कमाने के लालच में मौत की खदानें बना दी है। उन्होंने मृतक परिवारों को 25-25 लाख मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी दिलाए जाने की मांग की।
गौरहारी में पीड़ित परिवारों से मुलाकात के बाद पूर्व केन्द्रीय मंत्री सोमवार को एक गेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्हाेंने कहा कि अगर खनन अधिनियम का पालन किया गया होता तो श्रमिकों की मौत न होती। तीस फीट गहराई तक खनन का प्रावधान है, लेकिन भूमाफियाओं ने यहां सत्ता के इशारे पर दो सौ फीट गहरी खदानें खोद डाली। प्रदेश और केंद्र सरकार लगातार बुंदेलखंड की अनदेखी कर रही है।
उन्होंने प्रत्येक मृतक परिवार को 25-25 लाख और एक एक सदस्य को नौकरी की मांग रखी। प्रदेश सरकार को आड़े हाथाें लेते हुए कहा कि तालाब की खुदाई के नाम पर करोड़ों रुपया हजम करने की योजना बनाई गई। जिसके टेंडर अब तक नही कराए गए और खुदाई कार्य शुरू करा दिया गया। उन्होंने बुंदेलखंड के बदहाल किसानों का कर्ज माफ किए जाने की वकालत की।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष त्रिलोक मोहन तिवारी, रामजीवन दद्दा, मुकेश विकास गुप्ता, भारत विशाल शुक्ला, निर्दोष दीक्षित, संजय सहित तमाम कांग्रेसी मौजूद रहे।