फोटो 21 एमएएचपी 12 परिचय-श्यामा नाला उफनाने से पानी के तेज बहाव में कटी सिरसीकलां मार्ग की सड़क। संवाद
फोटो 21 एमएएचपी 13 परिचय-सिरसीकलां गांव में भरा श्यामा नाला का पानी। संवाद
फोटो 21 एमएएचपी 14 परिचय-गांव के बाहर पानी भरने पर मजबूरी में निकलते बच्चे व ग्रामीण। संवाद
घरों तक पानी पहुंचने से ग्रामीण परेशान, जरूरी काम से भी नहीं जा पा रहे लोग
-चार दिन से लगातार बारिश होने से निर्माणाधीन पुल के बगल से निकला रास्ता कटने से छह गांवों का संपर्क टूटा
संवाद न्यूज एजेंसी
खन्ना (महोबा)। ब्लॉक कबरई के खन्ना क्षेत्र से निकला श्यामा नाला झमाझम बारिश में उफना गया है। चार दिन से हो रही लगातार बारिश से नाले का जलस्तर बढ़ने के बाद तेज बहाव के चलते सिरसीकलां को जाने वाली सड़क शुक्रवार को बह गई है। नाले का पानी गांव में घुसने से ग्रामीण परेशान रहे और जरूरी काम होने के बाद भी घरों से बाहर नहीं निकल पाए। सड़क बहने से छह गांवों का संपर्क टूट गया है। ग्रामीण बारिश रुकने व नाले का पानी उतरने का इंतजार कर रहे हैं।
सिरसीकलां गांव से निकला श्यामा नाला हर साल भारी बारिश में उफना जाता है। इससे कई गांवों का संपर्क टूट जाता है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से श्यामा नाले पर पुल का निर्माण कराया जा रहा है। चार माह पहले पुल का निर्माण शुरू हुआ था। जिसमें स्लैब पड़ गई है। कुछ काम शेष है। लगातार बारिश होने पर जल स्तर बढ़ने से ग्रामीण निर्माणाधीन पुल में लकड़ी की सीढ़ी लगाकर जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे थे।
चार दिन से लगातार हो रही बारिश से सुबह नाला उफना गया। पानी का बहाव तेज होने के चलते करीब 20 फीट सड़क पानी में बह गई। इससे चिचारा, बरबई, पहरा, तमौरा, परसहा समेत छह गांवों का संपर्क टूट गया। साथ ही नाले का पानी सिरसीकलां गांव में घुसने से अफरा-तफरी का माहौल रहा। कुछ लोगों के घरों और प्राथमिक विद्यालय तक पानी पहुंच गया। इससे लोगों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा। ग्रामीण प्रीतम, प्रेम बाबू, पुन्ना आदि ने बताया कि गांव के चारों ओर पानी ही पानी नजर आ रहा है। लोग बीमार होने पर इलाज कराने भी नहीं पहुंच पा रहे हैं।
बारिश थमने पर ही हालत सामान्य होंगे। उधर, एसडीएम शिवध्यान पांडेय का कहना है कि बारिश में श्यामा नाला उफना जाता है। इसके स्थायी समाधान के लिए पुल का निर्माण चल रहा है। नाला उफनाने के दौरान सिरसी गांव से घूमकर वैकल्पिक रास्ता है। सड़क कट जाने की जानकारी नहीं है। यदि पानी में सड़क कटी है तो लोक निर्माण विभाग को अवगत कराकर दुरुस्त कराया जाएगा।
खेतों में नहीं पहुंच पा रहे ग्रामीण
फोटो 21 एमएएचपी 15 परिचय-राजेश शर्मा। संवाद
सिरसीकला गांव निवासी किसान राजेश शर्मा का कहना है कि तीन दिन से खेत में खड़ी तिलहन की फसल की रखवाली करने नहीं जा पा रहे हैं। इससे अन्ना मवेशी फसल को नष्ट कर रहे हैं। नाले का पानी जब उतरेगा, तब खेत व अन्य जरूरी काम से जा सकेंगे।
फोटो 21 एमएएचपी 16 परिचय-बाबू खान। संवाद
बाबू खान कहते हैं कि वह ऑटो चालक है। ऑटो चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता है। चारों ओर पानी होने से काम-धंधा बंद है। यदि कोई बीमार हो जाए तो अस्पताल पहुंचना भी मुश्किल है।
भारी बारिश से छह किसानों की 110 बीघा फसल डूबी
फोटो 21 एमएएचपी 17 परिचय-गहरा गांव के किसान अर्जुन सिंह के खेत में भरा पानी। संवाद
कबरई। लगातार बारिश से तिल और उड़द की फसलों को भारी नुकसान हो रहा है। यह बारिश किसानों के लिए आफत बन गई है। भारी बारिश से गहरा गांव के किसान नेपाल सिंह व सुखलाल प्रजापति की 15-15 बीघा, अर्जुन सिंह की 35, छत्रपाल सिंह की 20 और राजेंद्र सिंह की 25 बीघा उड़द व तिल की फसल खेत में पानी भरने से डूब गई है। किसानों का कहना है कि लगातार बारिश से खेत में खड़ी फसल सड़ रही है। यदि, मौसम नहीं खुला तो पूरी फसलें बर्बाद हो जाएंगी। इससे उनके सामने आर्थिक संकट पैदा हो जाएगा।