महोबा। साहब! राष्ट्रीय राजमार्ग की ओर से सड़क चौड़ीकरण को लेकर प्राथमिक विद्यालय गुगौरा चौकी का अधिग्रहण करके ध्वस्त कर दिया गया है। इससे गांव के बच्चोंं की पढ़ाई बंद हो गई है। विद्यालय का निर्माण होने तक छात्रों के भविष्य को देखते हुए पढ़ाई की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। यह बात गुगौरा गांव के ग्रामीणों ने सदर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में एडीएम न्यायिक सुखबीर सिंह से कही।
ब्लॉक कबरई के गुगौरा गांव निवासी आशाराम अहिरवार, महेंद्र पाल, रामस्वरूप, भागवत, दीपा, माया, राजकुमारी, अरविंद, राकेश, फुलिया आदि ने एडीएम को बताया कि गांव में प्राथमिक विद्यालय सड़क किनारे संचालित था। हाईवे की ओर से चौड़ीकरण मेंं अधिग्रहण करने के बाद विद्यालय भवन गिरा दिया गया। इससे बच्चे घर पर बैठ गए हैं और उनकी पढ़ाई ठप है। एडीएम ने संबंधित बीईओ को मामले के निस्तारण के निर्देश दिए हैं।
इसी तरह मकरबई निवासी नत्थू ने आवास के नाम पर सुविधा शुल्क मांगने, ग्योड़ी निवासी दुर्गा प्रसाद, राम बाबू व श्याम बाबू ने बिना ऋण के भूमि को बैंक के बंधक बनाए जाने, मकनियांपुरा निवासी शबाना, रिजवाना, वाजिद, माजिद ने आम रास्ते को कब्जा मुक्त कराने और मवईखुर्द निवासी पंचायत सहायक वीरेंद्र कुमार ने बिना कारण हटाए जाने व पांच माह का शेष मानदेय भुगतान न कराने की शिकायत दर्ज कराई। समाधान दिवस मेंं आईं 29 शिकायतों में महज तीन का ही मौके पर निस्तारण हो सका। इस मौके पर अतिरिक्त एसडीएम सल्तनत परवीन, तहसीलदार दिवाकर मिश्रा, नायब तहसीलदार विकास गोयल आदि मौजूद रहे।
आवास के लिए विभाग के चार बार लगा चुके चक्कर
इमिलिया गांव निवासी सुशीला बताती हैं कि वह और उसके पति दिव्यांग हैं। गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करते हें। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत आवास के लिए चार बार विभाग के चक्कर लगा चुके हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। अब तहसील दिवस में अधिकारियों के सामने शिकायत करने आए हैं।
नहीं हुआ निस्तारण, फिर न्याय की आस में उत्तम पहुंचा तहसील
भटीपुरा निवासी उत्तम ने बताया कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत बैंक से 50 हजार रुपये का लोन होना है लेकिन बैंक जाने पर कर्मचारियों की ओर से कल आने की बात कहकर टरका दिया जाता है। इससे उसके काम व समय की बर्बादी हो रही है। एक माह से बैंक के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन कुछ नहीं हुआ। तहसील दिवस में दूसरी बार शिकायत की है।