जिले में ओलावृष्टि के बाद बर्बाद हुई फसल से शुरू हुआ किसानाें की
मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पहले फसल देखकर कई किसानों ने
आत्महत्या कर ली। अब फसल की उपज न निकलने से किसानों की सदमे से मौत हो गई।
रविवार को तीन किसानों की सदमे से मौत हो गई।
थाना कबरई के ग्राम मकरबई निवासी खुशाली कुशवाहा (45) के पास चार बीघा जमीन पर खेती करके परिवार चलाता था। रविवार को खेतों में कटाई में दाना न देख वह परेशान हो गया और घर चला गया। जहां पर सदमे से उसकी मौत हो गई। किसान के ऊपर एसबीआई बैंक और साहूकाराें का 70 हजार रुपये कर्ज था। जिसे लेकर वह खासा चिंतित था। दूसरी घटना थाना महोबकंठ के ग्राम बम्हौरी निवासी हीरालाल गंगेेले (70) पुत्र अच्छेलाल के पास 65 बीघा जमीन है। उसने चना, मसूर, गेहूं और मटर की बुवाई की थी। जो ओलावृष्टि और अतिवृष्टि की भेंट चढ़ गई। उसने इलाहाबाद बैंक पनवाड़ी से केसीसी कार्ड से 2.95 लाख, ट्रैक्टर का 2.99 लाख रुपये और सहकारी समिति खेरोकला से 40 हजार रुपये का कर्ज लिया था। लेकिन ओलावृष्टि से फसल बर्बाद हो गई। रविवार को खेत में कटाई के दौरान कम पैदावार देख वह खेत में ही गिर गया। जिससे उसे आनन- फानन अस्पताल ले जाया गया। जहां उपचार दौरान उसकी मौत हो गई। तीसरी घटना थाना श्रीनगर क्षेत्र ग्राम टपरन अतरार माफ निवासी गयादीन कुशवाहा (55) पुत्र फुलिया के पास पांच बीघा जमीन थी। उसने किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए यूपी इलाहाबाद बैंक ननौरा से 50 हजार रुपये कर्ज लिया था। रविवार को खेत में थ्रेसर से कतराई चल रही थी। आधी फसल में मात्र दो क्विंटल ही अनाज निकलने से वह अचेत होकर खेत में ही गिर गया। जहां पर उसकी मौत हो गई।