कोतवाली चरखारी के ग्राम गुढ़ा में अन्ना जानवरों द्वारा फसल चट कर जाने से परेशान किसान की सदमे से मौत हो गई। घटना से परिजनों में कोहराम मचा है। मृतक के परिजनों ने घटना की तहरीर पुलिस और राजस्व विभाग के कर्मचारियों को दी है।ग्राम गुढ़ा निवासी भानुप्रताप प्रजापति (40) पुत्र
गोरेलाल के पास डेढ़ बीघा भूमि है। उनके करीब पांच बीघा भूमि बटाई पर ले ली थी। खेतों में गेहूं व चना की बुआई की थी। खेतों में हरियाली दिखने से किसान को इस दफा बेहतर पैदावार की उम्मीद थी लेकिन अन्ना जानवरों के झुंड खेत में खड़ी फसल चट कर गए। बुधवार की शाम भानुप्रताप खेतों की
ओर गया, उसने खेत में उगी फसल बर्बाद देखी तो उसे अटैक पड़ गया जिससे वह अचेत होकर जमीन पर गिर गया।आसपास खेतों में काम कर रहे किसानों ने घटना की सूचना परिजनों को दी। आनन फानन में परिजन भानुप्रताप को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पनवाड़ी लाए जहां डाक्टरों ने उसे मृत
घोषित कर दिया। मृतक के परिजनों ने घटना की सूचना कोतवाली चरखारी पुलिस और लेखपाल को दी है। तहसीलदार सौरभ पांडेय का कहना है कि लेखपाल को मौके पर भेजा गया है। जांच कराई जाएगी।
10 बीघा गेहूं की फसल चट कर गए अन्ना जानवर
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम किड़ारी में दबंगों ने खेत में लगी तारबाड़ी उखाड़ दी। जिससे दर्जनों अन्ना जानवर दस बीघा जमीन पर बोई गई गेहूं की फसल चट कर गए। किसान ने कोतवाली में तहरीर सौंप तारबाड़ी उखाड़कर खेत में अन्ना जानवर हांकने का दबंगों पर आरोप लगाया है।ग्र्राम किड़ारी निवासी अजय
पुत्र महेंद्र के पास दस बीधा भूमि है। अन्ना जानवरों से फसल को बचाने के लिए तारबाड़ी की व्यवस्था की गई थी। मंगलवार की रात दर्जनों की संख्या में अन्ना जानवर खेत में घुस गए और गेहूं की फसल बर्बाद कर दी।किसान ने आरोप लगाया कि गांव के दबंगों ने तारबाड़ी उखाड़ दी और खेतों के आसपास
घूम रहे अन्ना जानवरों को खेत में हांक दिया जिससे उसकी फसल बर्बाद हो गई। कोतवाली पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुट गई है। किसान का कहना है कि अन्ना जानवरों के फसल चट कर जाने से अब खाद बीज का पैसा निकलना भी मुश्किल है।