मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट महेंद्र प्रताप सिंह यादव ने जानलेवा हमला करने
के मामले में चार लोगाें को सात-सात साल की सजा सुनाई। जबकि दूसरे पक्ष को
पांच-पांच साल की सजा सुनाई। आरोपियों को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया
गया।
थाना कबरई के ग्राम महेबा में परिवार के दो पक्षाें में एक
जुलाई 2007 को जमीन जायदाद के विवाद को लेकर लाठी डंडे और फरसे चले थे।
जिससे उदय सिंह का हाथ कट गया था, जगदीश, दुलीचंद्र और रामअवतार भी बुरी
तरह जख्मी हो गए थे।
उदय सिंह ने लल्लू, सूरज, बलवान, जितेंद्र के
विरुद्ध थाना कबरई में मुकदमा दर्ज कराया था। उधर सूरज ने भी जगदीश,
दुलीचंद्र, रामअवतार और उदय के खिलाफ मारपीट और हाथ में फ्रैक्चर होने का
मुकदमा थाना कबरई में दर्ज कराया था।
सोमवार को मुख्य न्यायिक
मजिस्ट्रेट ने दोनों पक्षाें की दलील और गवाह सुनने के बाद एक पक्ष के
बलवान सिंह, जितेंद्र सिंह, लल्लू, सूरज को सात-सात साल की सजा सुनाई। जबकि
दूसरे पक्ष के जगदीश, दुलीचंद्र, रामअवतार और उदय सिंह को पांच-पांच साल
की सजा सुनाई।
इस मुकदमे की पैरवी सरकार पक्ष की ओर से अभियोजन
अधिकारी अशोक कुमार त्रिपाठी ने की। दोनों पक्षों के आरोपियाें को पुलिस
हिरासत में जेल भेज दिया गया।