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Mahoba News: पति की हत्या देख पत्नी ने कहा...संतोष ने जैसो कहो तो,वैसो कर लऔ

Tue, 24 Mar 2026 12:20 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
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फोटो 23 एमएएचपी 26 परिचय-युवक की हत्या के बाद रोते-​बिखलते परिजन। संवाद
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महोबा। चंदौली गांव में आए दिन होने वाली मामूली विवाद में सोमवार को हुए नरेंद्र हत्याकांड ने एक परिवार की खुशियां बिखेर दीं। जिला अस्पताल पहुंची नरेंद्र की पत्नी अर्चना को जब यह पता चला कि अब उसका पति इस दुनिया से जा चुका है तो वह बदहवास हो गई। महिलाओं ने उसके आंसू पोछे और उसे संभाला। रोते-रोते अर्चना ने कहा कि संतोष ने जैसो कहो तो वैसो कर लओ। जिसका मतलब यह था कि आरोपी संतोष ने जैसे कहा था, वैसा कर दिया। बताया कि पूर्व में झगड़ा होने पर संतोष ने उसके पति नरेंद्र को जान से मारने की धमकी दी थी और सोमवार को साजिश के तहत उसके पति की हत्या कर दी। बीच-बचाव करने पहुंचे उसके ससुर पर भी जानलेवा हमला कर उन्हें घायल कर दिया।
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जिला अस्पताल में घटना के बाद पूरा परिवार जमा हो गया। महिलाएं बिलख रही महिलाओं को संभाल रही थी और पुरुष परिजनों को हिम्मत दे रहे थे लेकिन गांव में वर्चस्व कायम करने के लिए रची गई इस साजिश ने एक परिवार की खुशियों को बिखेर कर रख दिया। अस्पताल पहुंचे मृतक नरेंद्र के छोटे भाई सुरेंद्र ने बताया कि एक साल पहले संतोष व उसके साथियों ने उसके साथ मारपीट की थी। जिसकी शिकायत थाने में की गई और दोनों पक्षों का शांतिभंग में चालान हुआ था। इसी तरह से सात फरवरी को भी कहासुनी हुई। जिस पर पुलिस ने शांतिभंग की कार्रवाई की थी। कहा कि दोनों बार विवाद के बाद ऐसी कोई बात नहीं थी कि हत्या जैसी वारदात हो जाएगी। गांव के लोगों ने बताया कि संतोष व उसका परिवार गांव में अपना दबदबा बनाए रखने के लिए कुछ भी कर सकता था। गांव में वह प्रधान न होते हुए भी प्रधानी करता था और छोटी-छोटी बातों पर अपना वर्चस्व दिखाने के लिए कुछ भी करने को तैयार हो जाता था। यही वर्चस्व बनाए रखने के लिए उसने सोमवार को यह वारदात कर डाली। नरेंद्र की पत्नी अर्चना ने अस्पताल परिसर में बताया कि संतोष ने मेरे पति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी और कहा था कि अपराध स्वीकार न करने पर जान से मार देगा। उसने सोमवार को पति की हत्या कर दी।
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अच्छे बेटे रोते नहीं, परिवार का सहारा बनना है
महोबा। गोली और कुल्हाड़ी लगने से घायल नरेंद्र को जब अस्पताल में मृत घोषित किया गया तो परिवार का हर सदस्य एक दूसरे की ओर देखकर सहम गया और बिलख पड़ा। परिवार में नरेंद्र का आठ साल का बेटा निखिल भी था। वह उस समय सभी को देख रहा था। कुछ समय बाद इमरजेंसी कक्ष के बाहर निकलकर वह पारिवारिक लोगों के साथ बैठा रहा और अचानक अपने पिता नरेंद्र को याद करके रोने लगा। इस दौरान वहां बैठे परिजनों ने उसे संभाला और कहा कि अच्छे बेटे रोते नहीं है, उसे परिवार का आगे सहारा बनना है और उसके आंसू पोंछते हुए उसे चुप कराया। पिता के जाने का गम निखिल की आंखों में था। उसकी दादी भी बीच में निखिल को दुलारने पहुंची और उसे चुप कराया।
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सुरेंद्र ने दिखाई कारतूस
महोबा। घटना के बाद जिला अस्पताल पहुंचे मृतक नरेंद्र के छोटे भाई सुरेंद्र ने बताया कि घटना के समय वह खेत में था। जब उसे पता चला तो वह तुरंत घटनास्थल पर पहुंचा। जहां पर उसे एक जिंदा कारतूस पड़ा मिला। जिसे वह उठाकर लाया है। उसने मौके से मिला जिंदा कारतूस भी दिखाया। उसने बताया कि भाई व पिता पर कुल्हाड़ी, डंडे से प्रहार किया गया और उन पर गोली भी चलाई गई। नरेंद्र के एक पैर के जांघ में गोली लगने की बात उसने बताई। परिजनाें ने बताया कि कमर से नीचे पैर के पास गंभीर चोटें आईं हैं, जिसके कारण उसकी मौत हो गई।
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इंसेट
घटना के बाद आसपास के घरों में लग गए ताले
महोबा। चंदौली गांव में नरेंद्र की हत्या की घटना के बाद आसपास के लोग सहम गए। लोगों ने अपने घरों में ताले लगा दिए और परिवार समेत रिश्तेदारी में दूसरी जगह चले गए। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस ने आरोपियों की तलाश में दबिश दी।

फोटो 23 एमएएचपी 26 परिचय-युवक की हत्या के बाद रोते-बिखलते परिजन। संवाद

फोटो 23 एमएएचपी 26 परिचय-युवक की हत्या के बाद रोते-बिखलते परिजन। संवाद

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