बीज भंडार में कोई भी बीज न होने के कारण किसान भटक रहे हैं। इससे किसानों में खासा आक्रोश है। जिले के बीज भंडार में 68457 किसानों का पंजीकरण होने के बाद भी करीब 1000 किसानों को ही बीज मिल पाया है। इससे किसानों को बीज खरीद में मिलने वाली छूट का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
बिलबई तिराहे पर जिले के मुख्य बीज भंडार में रबी की फसल के लिए 3052 क्विंटल गेहूं, 21 क्विंटल जवा, 1732 क्विंटल मटर, 222 क्विंटल मसूर, 32 क्विंटल राई, 19 क्विंटल अलसी और 242 क्विंटल चना मगाया गया था। जो खत्म हो गया है। जबकि बुवाई का कार्य अभी चल रहा है।बजीर
मोहम्मद, रामदयाल, अरविंद, सुखलाल रैकवार आदि किसानों ने बताया कि नोटबंदी के कारण खेतों की बुवाई में देरी हुई है। अभी भी गेहूं और जवा की बुवाई की जा रही है। लेकिन बीज भंडार में बीज न मिलने से उन्हें प्राइवेट बीज भंडारों से महंगे दामों पर बीज खरीदना पड़ रहा है। बीज की किल्लत से किसानों को भारी दिक्कत उठानी पड़ रही है।