जिले में मनरेगा के कार्यों में करोड़ों रुपये के घोटाले की चल रही जांच के मामले में बुधवार को एक बार फिर सीबीआई टीम ने महोबा में डेरा जमाकर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। टीम ने वन विभाग और लघु सिंचाई विभाग द्वारा बनाए गए चेकडैम में किए गए गोलमाल की बारीकी से जांच की।
सीबीआई के तकनीकी अधिकारी विजय कुमार गुप्ता और विजिलेंस इंस्पेक्टर आरएन सिंह ने बुधवार को विकासखंड जैतपुर के ग्राम बुधौरा में वन विभाग द्वारा बनाए गए चेक डैम में की गई घपलेबाजी की शिकायत पर मौके पर जाकर चेकडैम को देखा। वहीं दूसरे चेकडैम के निरीक्षण के समय बारिश होने से रास्ता कीचडय़ुक्त हो जाने से दूसरे चेकडैम का निरीक्षण नहीं हो सका। सीबीआई की टीम आने की खबर लगते ही आस पास के गावों के ग्रामीण चेकडैम के पास एकत्र हो गए। तकनीकी अधिकारी ने बताया कि विकासखंड जैतपुर के कई गांवों में वर्ष 2010-11 में बनाए गए चेकडैमों में भ्रष्टाचार किए जाने और कई स्थानों पर कागजों में चेकडैम बनाए जाने की शिकायत की गई थी। जिससे यहां जांच के लिए भेजा गया है। उन्होंने बताया कि बघौरा गांव में एक चेकडैम चेक किया गया है, जिसकी जांच विभाग को प्रेषित की जाएगी।
पहले भी टीम ने किया निरीक्षण
वर्ष 2008 से 2010 तक जिले में मनरेगा के तहत कराए गए करोड़ों रुपये के कार्यों में घपलेबाजी की शिकायतों पर एक साल पहले भी सीबीआई टीम ने टेंट घोटाला और कैमरा खरीद में की गई अनियमितताओं की जांच की थी। ग्राम प्रधानों ने मनरेगा के तहत गांव-गांव में कराए जाने वाले कार्य के दौरान महिला श्रमिकों के बच्चों को छाया उपलब्ध कराने की गरज से टेंट खरीदे गए थे। वहीं फोटोग्राफी के लिए कैमरों की खरीद की गई थी, जिस पर प्रधानों ने टेंट की खरीद चार गुना दर्शाकर पैसा निकाल लिया था। एक साल पहले सीबीआई टीम ने टेंट घोटाले की दो बार जांच की थी। बुधवार को तीसरी बार सीबीआई टीम आई है।