महोबा। शहर के कठकुलवापुरा स्थित कबीर आश्रम में अमृतवाणी समिति के तत्वावधान में रविवार को सत्संग का आयोजन हुआ। इसमें कवियों और साहित्यकारोंं ने एक से बढ़कर एक रचनाएं पेश कीं। बांसुरी वादक पं. जगदीश रिछारिया ने भजन रचा है सृष्टि को जिस प्रभु ने, वही ये सृष्टि चला रहे हैं सुनाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
समिति प्रमुख डॉ. एलसी अनुरागी ने कहा कि सत्संग का उद्देश्य भटकी युवा पीढ़ी को राष्ट्र की धारा में जोड़ना है। समाजसेवी शिवकुमार गोस्वामी ने कहा कि कबीर के इस दोहे से सीख लेना चाहिए साईं इतना दीजिए जामे कुटुंब समाय, मैं भी भूखा न रहूं साधू न भूखा जाए। पं. आशाराम तिवारी ने कहा कि कलियुग में केवल हरि कीर्तन से नैया पार हो जाती है। गोसेवक रवींद्र पुरवार ने कहा कि जहां दया है वहीं धर्म है। इस मौके पर पं. हरीशंकर नायक, इंद्रजीत सिंह, हरिश्चंद्र वर्मा, कामता प्रसाद चौरसिया, साध्वी सुनीता, लखनलाल, रज्जू द्विवेदी, राजाराम चौरसिया आदि मौजूद रहे।