महोबा। कोतवाली क्षेत्र के बीजानगर गांव में सिरफिरे युवक ने पत्नी और बहन पर गड़ासे से हमले के बाद खुद को लहूलुहान कर लिया था। इसमें युवक और पत्नी की मौत हो गई थी, जबकि बहन घायल है। गुरुवार को शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवक की मौत जहर खाने से होने की पुष्टि हुई है। ऐसे में माना जा रहा है कि युवक जहर खाकर घर पहुंचा और पत्नी की हत्या कर दी। बीच-बचाव करने आई बहन को भी घायल कर दिया।
बीजानगर गांव निवासी संतोष रैक्वार बुधवार की दोपहर तालाब के किनारे लगे सब्जी के खेत से लौटकर घर आया था। घर पहुंचने के बाद उसने किसी से कोई बात नहीं की और धारदार गड़ासे से पत्नी सरस्वती पर हमला कर हत्या कर दी थी।
घर में मौजूद बहन आरती के बीच-बचाव करने पर उसे घायल करने के बाद खुद पर गड़ासे से प्रहार कर लिए थे। गंभीर हालत में दोनों को जिला अस्पताल लाया गया। मुंह से बदबू आने पर डॉक्टरों को जहर खाने की भी आशंका हुई। डॉक्टरों ने संतोष का इलाज शुरू किया, लेकिन उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने दोनों शवों को मोर्चुरी में रखवाया था।
गुरुवार की शाम पति-पत्नी के शवों के पोस्टमार्टम कराए गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सरस्वती की मौत धारदार हथियार के हमले से और संतोष की मौत जहर खाने से होने की पुष्टि हुई। डॉक्टरों ने विसरा सुरक्षित रखा है। जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि संतोष ने आत्महत्या का मन पहले ही बना लिया था।
यही वजह रही कि उसने घर पहुंचने से पहले ही जहर खा लिया और घर पहुंच पत्नी व बहन पर गड़ासे से हमलाकर दिया। दोनों को घायल देख आत्मग्लानि के चलते उसने खुद को लहूलुहान कर लिया था। परिजन व पुलिस युवक को मानसिक रूप से अस्वस्थ बता रहे हैं। पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि मामले की जांच में सामने आया कि संतोष मानसिक रूप से अस्वस्थ था, जिसके चलते घटना हुई।
हमले में घायल हुई बहन आरती का इलाज जिला अस्पताल चल रहा है। डॉक्टर उसकी हालत में लगातार सुधार बता रहे हैं। गुरुवार को अस्पताल में भर्ती आरती ने बताया कि घटना के समय वह और भाभी सरस्वती घर में अकेले थी। तभी भाई संतोष आ गया और कमरे में छिपाकर रखे गड़ासे से भाभी पर हमला कर दिया।
चीख सुनकर वह दौड़ी तो उसे भी घायल कर खुद पर प्रहार कर लिया। जहर खाने की बात पूछने पर आरती ने बताया कि भाई ने जहर कब खाया उसे पता नहीं है। बताया कि भाई के मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के चलते पिता ने गड़ासे को कमरे में रख दिया था और वहां ताला लगा था। ताला खोलकर संतोष ने गड़ासा निकाला और हमला कर दिया। घायल होने के बाद वह बाहर भागी, लेकिन पड़ोसियों ने मदद नहीं की। आरती ने बताया कि वह दो भाई व सात बहनें हैं। बड़ा भाई शंकर मध्यप्रदेश के पन्ना में परिवार सहित रहते हैं। छह बहनों की शादी हो चुकी है।
भूमिहीन संतोष रैक्वार मेहनत-मजदूरी के साथ तालाब में सिंघाड़े की खेती करके पत्नी व पांच बच्चों का भरण-पोषण कर रहा था। उसके फूफा तिजुवा, जीजा दीपचंद्र ने बताया कि तीन वर्ष पहले संतोष मानसिक संतुलन खो बैठा था। इसके बाद परिजनों ने ग्वालियर में उपचार कराया और वह ठीक हो गया।
एक माह से वह फिर मानसिक रूप से परेशान रहने लगा। संतोष के पिता मूलचंद्र रैक्वार ने बताया कि कई दिन से परिवार के सदस्य इलाज के लिए ग्वालियर चलने की बात कह रहे थे, लेकिन संतोष पागल कहने पर सबको मार डालने की बात कहता था। इलाज के लिए बहू ने रिश्तेदारों से उधार पैसे लेकर छह हजार रुपये का इंतजाम कर लिया था। एक-दो दिन में बाहर जाने की तैयारी थी, लेकिन इससे पहले उसने यह बड़ा कदम उठा लिया।