फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सिरफिरे की सनक से मिट गया परिवार, पांच बच्चे हुए अनाथ

विज्ञापन
विज्ञापन
महोबा। बीजानगर गांव में पत्नी की हत्या के बाद स्वयं पर गड़ासे से हमलाकर सिरफिरे युवक ने जान दे दी। संतोष की सनक से उसका परिवार मिट गया। पांच बच्चों के अनाथ होने पर अब दादा-दादी के ऊपर पालन पोषण की जिम्मेदारी आ गई है। माता-पिता की एक साथ मौत होने से बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद से गांव में गम का माहौल है। हर कोई बच्चों को ढांढस बंधाता रहा।
विज्ञापन

बीजानगर गांव निवासी संतोष रैक्वार की शादी 14 वर्ष पहले मध्यप्रदेश के कस्बा मलहरा में सरस्वती के साथ हुई थी। पांच बच्चों में सबसे बड़ी बेटी अनन्या (12) है। इसके बाद अर्चना (10), मोहित (08), जया (06) व साधना (04) हैं। ढीमर समाज से होने के चलते संतोष भी अपने पिता के साथ तालाब में सिंघाड़ा लगाने के साथ सब्जी की फसल उगाकर बेचता था। मृतक की मां गंगिया देवी ने बताया कि शादी के बाद से संतोष परिवार के साथ हंसी-खुशी रहता था। घर में कभी कोई मारपीट नहीं हुई। कुछ दिन से बेटे का मानसिक संतुलन ठीक नहीं था। जिसका उपचार कराने की बात कही गई लेकिन अधिकांश समय उसके ठीक रहने से ऐसा नहीं लगा कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेगा।
बुधवार की दोपहर करीब दो बजे हुई घटना से आधा घंटा पहले तक सब कुछ सामान्य था। माता-पिता के साथ संतोष भी खेत में बच्चों के साथ गया था। जहां सभी से सही तरीके से बातचीत की। घर वापस लौटने पर ऐसा क्या हुआ। जिससे उसने धारदार गड़ासे से पत्नी व बहन पर हमले के बाद स्वयं अपने शरीर में कई स्थानों पर प्रहार किए। जिससे दंपति की मौत हो गई। घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
विज्ञापन

महोबा। बीजानगर गांव में संतोष ने सनक में आकर अपनी पत्नी की गड़ासे से हत्या के बाद स्वयं मौत को गले लगा लिया। गनीमत यह रही कि घटना के समय संतोष की चारों पुत्रियां व पुत्र दादा-दादी के साथ खेत पर थे। बच्चे यदि घर पर होते तो बीच-बचाव करते और बड़ी घटना हो जाती। मृतक के ममेरे भाई रामप्रकाश ने बताया कि संतोष किसी भी प्रकार का नशा नहीं करता था। कुछ दिन से वह मानसिक रूप से परेशान रहता था। घर में जानवरों के लिए चारा काटने को गड़ासा रखा था। जिससे हमला करने से दंपति की मौत हो गई।
महोबा। बीजानगर गांव में पत्नी की हत्या कर खुद जान देने की घटना ने सभी को झकझोर दिया। घटना की खबर पूरे गांव में आग की तरह फैल गई। हर कोई कारण जानने के लिए मृतक के घर की ओर चल पड़ा। जिसने भी घटना के बाद मौके पर पड़े खून और वहां का मंजर देखा तो हर आंख नम हो गई। घटना से बाद से पूरे गांव में मातम का माहौल है। एक साथ दो लोगों की मौत से गांव में बुधवार की शाम अधिकांश घरों में चूल्हे भी नहीं जले।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें