नदी में चलती मशीन और जेसीबी से भरता ट्रैक्टर।
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बालू खनन के नए पट्टों में मजदूरों से खनन कराने की शर्त का उल्लंघन किया जा रहा है। ठेकेदार मशीनों से दिन रात जरूरत से ज्यादा बालू का खनन कर रहे हैं। बालू लदे ट्रक और ट्रैक्टर ट्रॉलियां दिन रात घाटों से निकल रहे लेकिन अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
करीब एक महीने पहले ई टेंडरिंग से एक दर्जन बालू घाटों पर खनन का पट्टा किया गया है। खनन के लिए सभी घाटों पर बालू की मात्रा तय कर दी गई है। रोजगार के लिए पलायन रोकने के लिए श्रमिकों से बालू खनन की शर्त भी रखी गई है। लेकिन शासन के नियमों के विपरीत एलएनटी और जेसीबी मशीनों से खनन कर एक दिन में दर्जनों ट्रक और ट्रैक्टर ट्रॉली बालू निकाली जा रही है। रिवई, दुलारा, टोला, पहाड़िया, इटोरा और कोहनिया गांव से निकली नदियों में दिनरात बालू खनन किया जा रहा है। इतना ही नहीं तमाम वाहनों को बिना रायल्टी के निकासी दी जा रही है।
इंसेट
एक सप्ताह में खाद डाली 1200 घनमीटर बालू
पनवाड़ी क्षेत्र के इटोरा घाट में छह महीने में 2500 घनमीटर बालू निकालने का परमिट खनिज विभाग ने दिया है। इसके तहत छह महीने में करीब 300 ट्रक बालू निकाली जानी है। इसके विपरीत पट्टाधारक प्रतिदिन 30 से 40 ट्रक बालू का खनन कर रहे हैं। इस औसत से एक सप्ताह में करीब 1200 घनमीटर बालू निकाली जा चुकी है।
वर्जन
बालू खदानों में मशीनों से खनन की जानकारी मुझे नहीं है। फिर भी जांच कराई जाएगी, अगर ठेकेदार मशीन से खनन कर रहे हैं तो उन पर कार्रवाई होगी। खनन नियमानुसार ही कराया जाएगा। - आनंद कुमार, प्रभारी जिलाधिकारी, महोबा