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आमरण अनशन पर बैठे ग्रामीण की हालत बिगड़ी

Mon, 23 Mar 2015 11:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो महोबा
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अगवा हुई किशोरी की बरामदगी की मांग को लेकर पुरानी कलेक्ट्रेट परिसर में परिवार सहित आमरण अनशन पर बैठे ग्रामीण की हालत बिगड़ने लगी है। स्वास्थ्य विभाग का कोई भी चिकित्सक आमरण अनशन पर बैठे परिवार का स्वास्थ्य परीक्षण करने नहीं पहुंचा। उल्टे देर रात पहुंची पुलिस ने परिवार के सदस्याें को जबरन हटाने का प्रयास किया। लेकिन परिवार के सदस्याें ने किशोरी की बरामदगी न होने तक आमरण अनशन जारी रखने की चेतावनी दी है।
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कस्बा श्रीनगर निवासी फरीद उर्फ कल्लू पुत्र महमूद आठ मार्च की रात बेटी को दबंगाें द्वारा अगवा किए जाने का आरोप लगाते हुए  उच्चाधिकारियों की चौखट पर पहुंचा। शिकायतें करने के बाद भी न्याय न मिलने से नाराज होकर उसने दो दिन पहले परिवार सहित पुरानी कलेक्ट्रेट परिसर में आमरण अनशन शुरू कर दिया। तीसरे दिन लगातार आमरण अनशन पर डटे परिवार के मुखिया फरीद की सोमवार को हालत बिगड़ गई।
लेकिन स्वास्थ्य विभाग का कोई भी नुमाइंदा उसका स्वास्थ्य परीक्षण करने नहीं पहुंचा। फरीद ने बताया कि रविवार की देर रात पहुंचे पुलिस कर्मियों ने उसे जबरन आमरण अनशन से हटाने का प्रयास किया। पीड़ित का कहना है कि उसकी 14 वर्षीय बेटी सितारा का दबंग ने अपहरण कर लिया है और उसे कहीं अज्ञात स्थान पर रखे हुए है। ग्रामीण ने बेटी की हत्या होने की भी आशंका जताई।
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बताया कि घटना की तहरीर थाना श्रीनगर में देने के बाद भी पुलिस ने दबंग के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की और न ही बेटी का सुराग लगाया। पुलिस उच्चाधिकारियाें को शिकायती पत्र देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित ने बेटी की बरामदगी न होने तक आमरण अनशन जारी रखने की चेतावनी दी है।
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