फोटो 09 एमएएचपी 04 परिचय-इस ऐतिहासिक गोरखगिरि पर प्रस्तावित है रोपवे। संवाद
महोबा। गुरु गोरखनाथ की तपोस्थली गोरखगिरि को पर्यटन तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल गोरखगिरि में पीपीपी मॉडल पर रोपवे बनाने की घोषणा की है। इससे न सिर्फ पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी बल्कि बुजुर्गों व दिव्यांग तीर्थयात्रियों को पहाड़ पर स्थित सिद्धबाबा स्थान तक पहुंचने में आसानी होगी। इस घोषणा से बुंदेलों में खुशी है।
ऐतिहासिक गोरखगिरि पर्वत के ऊपर स्थित सिद्धबाबा का स्थान दो हजार फीट की ऊंचाई पर है। यहां 12 करोड़ रुपये से पर्यटन विकास के काम कराए गए हैं। यहां पहाड़ पर पहुंचने के लिए मार्ग, ध्यान केंद्र, ओपन थिएटर, मंदिरों का जीर्णोद्धार आदि शामिल हैं। 21 जून को मुख्यमंत्री महोबा आए थे। तब गोरखगिरि को टूरिज्म हब बनाने की घोषणा की थी। उन्होंने एडवेंचर टूरिज्म के रूप में गोरखगिरि को विकसित किए जाने की बात कही थी जिसके तहत होटल, रेस्टोरेंट, ट्रैकिंग प्रतियोगिताओं समेत अन्य सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए थे।
अब आठ जुलाई को जनपद चित्रकूट दौरे पर गए मुख्यमंत्री और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने मंच से महोबा के गोरखगिरि पर पीपीपी मॉडल से रोपवे बनाने की घोषणा की। गोरखगिरि के पर्यटन तीर्थ के रूप में विकसित होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। वीर आल्हा-ऊदल की जन्मस्थली और गुरु गोरखनाथ की तपोस्थली में पर्यटन विकास की कवायद से अब देशी-विदेशी सैलानी भी आएंगे। महोबा विश्व पर्यटन नगरी खजुराहो का प्रवेश द्वार है। ऐसे में खजुराहो जाने वाले पर्यटक अब महोबा में भी रुकेंगे। जिला सूचना एवं पर्यटन अधिकारी डॉ. चित्रगुप्त श्रीवास्तव ने बताया कि गोरखगिरि में पर्यटन विकास के विभिन्न कार्य कराए गए हैं। गोरखगिरि की विशाल प्रतिमा स्थापना के साथ अब रोपवे प्रस्तावित है। इससे पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी और युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।