दुरुस्त की गई सड़कों के उखड़ने लगे गड्ढ़े
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प्रदेश सरकार द्वारा 15 जून से पहले सड़कों को गड्ढ़ामुक्त किए जाने के दावों की हवा निकल रही है। पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी भले ही जिले की सभी सड़कों को गड्ढ़ामुक्त करने का दावा कर रहे है, लेकिन हकीकत कुछ अलग है। जिन सड़कों के गड्ढ़े भरे गए है अधिकांश गड़ढे उखड़ने लगे है।
योगी सरकार ने प्रदेश की सड़कों को 15 जून से पहले गड्ढ़ामुक्त करने के आदेश जारी किए थे। इसके तहत पीडब्ल्यूडी विभाग ने जिले की 164 सड़कों को चिहिंत कर उन्हें गड्ढ़ामुक्त कराने का काम शुरू कराया था। शुरुआती दौर में विभागीय अधिकारी बजट न होने का रोना रोते रहे, बाद में सड़कों को आनन फानन में दुरुस्त कराने का काम तेज किया गया। 234 किलोमीटर लंबाई की 164 सड़कों को गड्ढ़ामुक्त करने में महज खानापूर्ति की जा रही है।
यही वजह है कि खरेला, पनवाड़ी, चरखारी, बेलाताल आदि क्षेत्रों की जिन सड़कों को गड्ढ़ामुक्त कराया गया है वह सड़कें चार दिन मे उखड़ने लगी है। गिट्टी उखड़ने से लोगों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि सड़कों में इक्का दुक्का स्थानों पर बड़े गड्ढ़े भरकर खानापूर्ति कर बजट को ठिकाने लगाया गया है। उधर, पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता इं. मानिकचंद्र का कहना है कि जिले की चिहिंत 95 फीसदी सड़कों की मरम्मत कर गड्ढ़ामुक्त कर दिया गया है। शेष सड़कों में दो दिन में अंदर काम पूरा करा लिया जाएगा।