महोबा। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय में करीब छह वर्ष पहले बसोंं के फर्जी रजिस्ट्रेशन करने की कलई खुलने लगी है। कबरई निवासी एक व्यक्ति के नाम 25 से अधिक बसों के फर्जी रजिस्ट्रेशन कर दिए गए हैं। इन वाहनोंं के विभिन्न जिलोंं मेंं हुए चालान आने पर पीड़ित को जानकारी हुई। अधिकारियोंं को समस्या बताने के बाद न्याय नहीं मिला। अब न्यायालय ने फर्जी रजिस्ट्रेशन मामले में तत्कालीन एआरटीओ समेत सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश थाना कबरई पुलिस को दिए हैं।
कस्बा कबरई के इंदिरानगर निवासी सत्येंंद्र कुमार अग्निहोत्री ने बताया कि उसके पास बाइक, कार व डंपर है। जो एआरटीओ कार्यालय में पंजीकृत हैं। पंजीयन के समय उससे आधार कार्ड समेत अन्य जरूरी कागजात जमा कराए गए थे। आरोप लगाया कि एआरटीओ कार्यालय की फाइल से उसके दस्तावेजों की फोटोकॉपी कर अन्य लोगोंं के 25 से अधिक वाहनों का पंजीयन उसके नाम और पते पर कर दिया गया।
जबकि इन वाहनों व उनके स्वामियों को उसने अपने पते की अनुमति नहीं दी। उसके कागजातों का दुरुपयोग किया गया। विभिन्न जिलोंं में इन वाहनोंं के चालान हुए तो उसके पते पर चालान भेजे गए। कई बार चालान आने पर पुलिस उसे बेइज्जत करती है। इससे उसकी छवि धूमिल हो रही है। फरवरी, मार्च व मई 2022 मेंं उसने एआरटीओ समेत उच्चाधिकारियोंं को मामले अवगत कराया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। तब पीड़ित ने न्यायालय का सहारा लिया। सीजेएम कोर्ट ने थाना कबरई पुलिस को तत्कालीन एआरटीओ समेत इसमें शामिल लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं। थानाध्यक्ष कबरई सत्यवेंद्र सिंह भदौरिया का कहना है कि अभी तक उन्हें इस तरह का कोई आदेश नहीं मिला है। आदेश मिलने के बाद रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।