महोबा। हाईकोर्ट के आदेश पर शासन की ओर से मांगी गई वर्ष 2011 या उसके बाद रास्तों और सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण कर बने धार्मिक स्थलों की रिपोर्ट जिला प्रशासन ने तैयार कर ली है। प्रशासन ने 10 धार्मिक स्थलों की रिपोर्ट शासन को भेजी है।
प्रशासन इसमें से सात धार्मिक स्थलों को हटाने की कार्रवाई पहले ही कर चुका है। तीन पर कार्रवाई होना शेष है, लेकिन इसमें शांतिभंग के अंदेशे का डर सता रहा है। पंचायत चुनाव से पहले इन धार्मिक स्थलों को हटाने को लेकर पुलिस-प्रशासन के पसीने छूट रहे हैं। ऐसे में शासन को भेजी गई रिपोर्ट में प्रशासन ने धर्मगुरुओं से बातचीत कर इसे हटाने की बात कही है।
डीएम सत्येंद्र कुमार ने बताया कि शासन को धार्मिक स्थलों की रिपोर्ट भेज दी गई है। जिले भर में 10 स्थानों को चिन्ह्ति किया जा चुका है। इसमें से सात धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई हो चुकी है। कार्रवाई में मार्ग बाधित होने, सड़क हादसों में कमी लाने को आधार बनाया गया है। शेष स्थलों को शिफ्ट करने को लेकर संबंधित लोगों से बातचीत की जा रही है, जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
शासन को भेजी गई यह रिपोर्ट
गांव सुगरा में मार्ग निर्माण में बाधक मस्जिद के हिस्से को तोड़कर कार्य कराया गया। कुलपहाड़ में ताजिया का चबूतरा को धार्मिक लोगों से बात कर हटा दिया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग के किमी. 133 पर कुलपहाड़ आबादी भाग में बायीं ओर स्थित देव स्थान को हटा दिया गया है। कुलपहाड़ बस स्टैंड के बायीं ओर ताजिया का चबूतरा हटा दिया गया है। गोंदी चौराहा कुलपहाड़ के पास कब्रिस्तान की बाउंड्री को लोगों से बातचीत कर हटाया गया है। शहर के छतरपुर रोड पर मदीना मस्जिद को धार्मिक लोगों की सहमति से हटाया गया। काली मंदिर महोबा के प्रभावित भाग को हटाया गया है। किरारी रेलवे फाटक के दायीं ओर स्थित देव स्थल को शिफ्ट करने। राष्ट्रीय राजमार्ग किमी.1 पर हनुमान मंदिर चौक को शिफ्ट करने और प्राइवेट बस स्टैंड से रोडवेज बस स्टैंड के मध्य बरगद और नीम के पेड़ के हटाने के लिए धर्मगुरुओं से बातचीत की जा रही है।