रोडवेज के भूमि पूजन के साथ 50 साल पुराने रोडवेज बस स्टैंड की इमारत को तोड़ कर नई इमारत बनाने का काम शुरू हो गया है। लंबे इंतजार के बाद बुधवार से पुरानी इमारत को तोड़ने का काम चल रहा है। रोडवेज की इमारत टूटने के बाद यहां रखी गुमटियां और डिब्बे भी हटाए जाएंगे, जिससे करीब दो दर्जन दुकानदारों की रोजी रोटी छिन जाएगी। दुकानें हटाए जाने के अल्टीमेटम से नाराज दुकानदारों ने गुुरुवार को प्रदर्शन किया।
दो माह से रोडवेज के अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारियों की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार रोडवेज के निर्माण कार्य शुरू हो गया। रोडवेज में तोड़फोड़ का काम शुरू जाने से गुमटियां रखकर रोजीरोटी कमाने वाले दो दर्जन दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। दो माह से जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के घर के चक्कर लगाने वाले दुकानदाराें के पास दुकान हटाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है। दुकानें हटने से लगभग दो दर्जन दुकानदार जो रोडवेज परिसर के बाहर पान, गुटखा, चाय, समोसा, फल, मिठाई आदि की दुकानें चलाकर अपने परिवार का पेट पार रहे रहे थे, उसके सामने रोजी-रोटी चलाने की समस्या आ गई है।
रोडवेज परिसर के बाहर पान की दुकान चला रहे गिन्नू चौरसिया ने बताया कि हम लोगों के सामने अब रोजी- रोटी का संकट आ जाएगा। चाय दुकानदार प्रेम का कहना है कि रोडवेज की दुकानें हटने से यात्रियों को भी भारी दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। परिसर में दुकान लगाने वाले लगभग दो दर्जन दुकानदार दुकान हटाए जाने से आहत है। गुरुवार को दुकानदारों ने दुकानें हटाने के विरोध में जमकर प्रदर्शन किया।