कजली मेला स्थल पर बने सांस्कृतिक मंच पर मंगलवार को आशा सम्मेलन का उद्घाटन किया गया। सम्मेलन का शुभारंभ जिलाधिकारी, सीडीओ और जिला पंचायत अध्यक्ष अंशू शिवहरे ने दीप प्रज्वलित कर किया। सम्मेलन में अच्छा कार्य करने वाली चारो ब्लाकों की आशाओं व अन्य संस्थाओं के लोगों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
आशा सम्मेलन को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में आशाओं के आने के बाद मातृ और शिशु मृत्यु दर में कमी आई है, साथ ही आशाओं द्वारा महिलाओं को सरकारी अस्पतालों में प्रसव कराने के लिए जागरूक किया गया है। यही वजह है कि अस्पताल में अब प्रसव कराने के प्रति महिलाएं स्वयं अस्पताल पहुंच रहीं हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल में प्रसव के दौरान साफ सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है, जिससे जच्चा बच्चा को किसी भी तरह की दिक्कत न हो। मुख्य विकास अधिकारी शिवनारायण ने कहा कि सरकार द्वारा जिला अस्पताल में प्रसव कराने पर 1400 रुपये की महिला को चेक भी मिलती है, जिससे उनके खानपान की भी अच्छी व्यवस्था हो जाती है। मुख्य चिकित्साधिकारी एसके वार्ष्णेय ने कहा कि आशाएं अच्छा कार्य कर रही हैं। गर्भवती महिलाओं का अस्पताल में रजिस्ट्रेशन कराने से लेकर प्रसव कराने तक आशाओं को पैसा मिलता है। आशाओं की एक साल तक शिशुओं को टीकाकरण और देखभाल की भी जिम्मेदारी रहती है, इसके एवज में उन्हें पैसा दिया जाता है। उन्होंने बताया कि प्रसव के बाद 48 घंटे बाद छुट्टी दी जाती है, जिससे जच्चा बच्चा स्वस्थ्य रहते हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014-15 में अच्छा कार्य करने वाली प्रथम आशा को 5000, दूसरे स्थान प्राप्त करने वाले को 2000 और तीसरा स्थान पाने वाले को 1000 का नकद ईमान और प्रमाणपत्र दिया गया ।