लाखाें रुपये का बिल अदा करने के बाद आज तक जर्जर तारों की तस्वीर नहीं बदली जा सकी है। शहर के मुख्य मार्ग सहित कई मोहल्लो में जर्जर तार मौत को दावत दे रहे है। जर्जर तार आए दिन गिरते रहते है। जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
वर्ष1960 में शहर में बिजली लाइन बिछाई गई थी। जब से आज तक कई मार्गों के तार नहीं बदले गए। तार पुराने हो जाने के कारण बेहद जर्जर हो गए है। जिनमें स्पार्किंग होने से टूट कर गिर जाते है। जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इसके बाद भी बिजली विभाग जर्जर लाइनों को दुरस्त न करके बांस की लकड़ियां बांध कर काम चला रहा है। शासन द्वारा इंसुलेटेड बिजली लाइन बिछाए जाने के बावत धनराशि आवंटित की गई है। लेकिन विभाग द्वारा आज तक पूरे शहर की बिजली लाइन नहीं बदली जा सकी। हालांकि कई मार्गों पर विभाग ने इंसुलेटेड बिजली लाइन बिछा दी है। अब शहर में रोडवेज से पुलिस चौकी तक मुख्य मार्ग पर आज भी जर्जर बिजली लाइन कमटी बांधकर चलाई जा रही है।