फोटो 21 एमएएचपी 01 परिचय-दिसरापुर गांव की पुलिया व सड़क बहने से क्षतिग्रस्त मार्ग। संवाद
महोबा। दिसरापुर-बिलवई मार्ग की पुलिया और सड़क एक माह पहले बारिश में बह जाने से करीब 4000 की आबादी गांव में कैद होकर रह गई है। बीमार और गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस भी गांव नहीं पहुंच पाती है। ग्रामीणों ने कई बार विभागीय और उच्चाधिकारियों से शिकायत की लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह ठप है। दिसरापुर गांव के मुख्य मार्ग की पुलिया व सड़क क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों का संपर्क मुख्यालय से कट गया है। गांव में किसी के बीमार होने पर एंबुलेंस भी नहीं पहुंच पाती है। चार पहिया वाहन से भी मरीजों को अस्पताल ले जाना संभव नहीं है। ग्रामीणों को आपातस्थिति में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। यह समस्या पिछले एक माह से बनी है लेकिन शिकायतों के बाद इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
आवागमन बाधित होने से स्कूली बच्चों की शिक्षा पर भी असर पड़ रहा है। उन्हें रोज खतरनाक रास्तों से गुजरना पड़ता है। बारिश के मौसम में जोखिम और बढ़ गया है। ग्रामीणों को भी रोजमर्रा के कामों के लिए बाजार आने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। वहीं खेती-किसानी के काम भी प्रभावित हो रहे हैं।
फोटो 21 एमएएचपी 01 परिचय-दिसरापुर गांव की पुलिया व सड़क बहने से क्षतिग्रस्त मार्ग। संवाद