फोटो 21 एमएएचपी 16 परिचय-किड़ारी फाटक के पास स्लीपर बदलने का कार्य करते रेलवे कर्मचारी। संवाद
महोबा। महोबा-बांदा रेललाइन में किडारी फाटक पर रविवार को मेंटीनेंस और स्लीपर बदलने का कार्य दिनभर चला। इससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। फाटक बंद होने के चलते सागर-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग और महोबा-बांदा मार्ग पर आने-जाने वाले वाहन फंसे रहे। बसों में सवार यात्री पैदल ही ट्रैक पार कर अन्य साधनों से महोबा स्टैंड तक पहुंचे।
भारतीय रेलवे की ओर से जारी सूचना के अनुसार किड़ारी फाटक पर मेंटीनेंस, स्लीपर बदलने का कार्य रविवार को सुबह सात बजे से दोपहर तीन बजे तक किया जाना था लेकिन यह काम शाम करीब 5 बजे तक चलता रहा। निर्धारित समय पर कार्य पूरा न होने से यहां से गुजरने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम की स्थिति से बचने के लिए पहले से ही यातायात पुलिस ने रूट डायवर्जन लागू किया। बेरिकैडिंग लगाकर कबरई की ओर जाने वाले वाहनों को विजय सागर पक्षी विहार के पास से होकर निकाला गया तो वहीं महोबा की ओर आने वाले वाहनों को काली पहाड़ी होते हुए निकाला गया हालांकि, डायवर्जन वाले रास्तों की दूरी अधिक होने के कारण अधिकांश वाहन हाइवे पर ही खड़े रहे और शाम को यातायात बहाल होने पर ही गंतव्य के लिए रवाना हुए।
दोपहर में शहर के हमीरपुर चुंगी से किड़ारी फाटक तक और दूसरी ओर किड़ारी फाटक से गुगौरा चौकी के पास तक ट्रकों, बसों व कारों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। कई यात्री पैदल ही एक तरफ से दूसरी तरफ जाते दिखाई पड़े।
फोटो 21 एमएएचपी 16 परिचय-किड़ारी फाटक के पास स्लीपर बदलने का कार्य करते रेलवे कर्मचारी। संवाद