महोबा। कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी बुंदेलखंड के सूखे के मुद्दे पर जिले में पदयात्रा कर सियासत गर्मा गए। अब सभी दल बुंदेलखंड में सूखे से परेशान किसानों को राहत पहुंचाने की जुगत में लग गए हैं। अब सपा, बसपा और भाजपा ने भी जोरआजमाइश शुरू कर दी है।
उधर, राहुल की पदयात्रा की सफलता से कांग्रेसी गदगद हैं। प्रदेश में अगले साल होने वाले चुनाव तक कांग्रेसी इसी तरह बुंदेलखंड में अपनी मजबूती का एहसास कराएंगे।
23 जनवरी को राहुल गांधी ने किसानों से सूखे के अलावा खान पान की भी जानकारी ली। वह अपनी पदयात्री से बुंदेलखंडवासियों का दिल जीतने की कोशिश करते रहे। इसीलिए वह पदयात्रा के बीच से निकल कर एक किसान की झोपड़ी में घुस गए। वहां पर चाय बनवाकर पीने के दौरान महिलाओं से सूखे के हालात की जानकारी ली। इतना ही नहीं महिला पंचायत और ग्रामीणों की अलग अलग चौपाल में भी गुफ्तगू की। साथ ही हजारों किसानों के बीच राहुल ने मोदी सरकार पर भी निशाना साधने से नहीं चूके। यूपीए सरकार में 70 हजार करोड़ रुपये किसानों का माफ करने की भी उन्होंने याद दिलाई।
सूपा और लाड़पुर आए राहुल गांधी ने खेतों की दुर्दशा देखने के लिए आठ किमी लंबा सफर भी तय किया। इस दौरान ग्रामीणों में भी उनका क्रेज दिखाई दिया। हर कोई राहुल की एक झलक पाने के लिए बेताब था। अब कांग्रेसी राहुल की इस पदयात्रा का फायदा आगामी विधानसभा चुनाव में लेने की कोशिश करेंगे। राहुल ने भी पदयात्रा में जमकर पसीना बहाया। जनवरी की कड़ाके की ठंड के बावजूद राहुल और उनके साथ चल रहे तमाम वरिष्ठ कांग्रेसियों की पेशानी से पसीना निकल रहा था। पैदल यात्रा के जरिये राहुल गांधी ने अपनी खोई हुई सियासी जमीन को पुन: हासिल करने का प्रयास किया है।
इतना ही नहीं अब दूसरे दल भी रणनीति बनाने में जुट गए हैं। सपा प्रदेश अध्यक्ष व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तो 27 को हमीरपुर आ रहे हैं। वह कोई बड़ा एलान कर सकते हैं। इसके अलावा बसपा और भाजपा के भी बड़े नेता जल्द ही बुंदेलखंड की खाक छानते हुए नजर आएंगे।