हैंडपंप चलने का इंतजार करते पक्षी
- फोटो : अमर उजाला
सूखे बुंदेलखंड में तालाबों, पोखरों का पानी खत्म हो जाने से पक्षियों की शामत आ गई है। दिन रात तालाबों के पानी में क्रीड़ाएं करने वाले पक्षी तालाबों के सूख जाने से अब बस्ती की तरफ भाग रहे है। कुछ पक्षी हैंडपंपों के पास भरे पानी से तो कुछ पक्षी नालियों के गंदे पानी से प्यास बुझा रहे है।
इस साल जिले के 95 फीसदी तालाबाें और पोखरों के सूख जाने से जल पक्षी पानी के लिए भटक रहे है। दिन रात पानी में रहने वाले इन पक्षियों के सामने संकट है। न तो उन्हें जल क्रीड़ाएं करने के लिए पानी बचा है और न पीने के लिए। परेशान पक्षी तालाब पोखरे छोड़कर आबादी की तरफ भाग रहे है। बतखों के अलावा गोरैया, कौए व अन्य पक्षी भी पानी न मिलने से बेहाल है। इतना ही नहीं आए दिन पक्षी सूखे तालाबों के पास मौत का शिकार हो रहे हैं। कस्बे के बड़े भू भाग में फैले दाऊ तालाब में भी इस साल धूल उड़ रही है।
तालाब का पानी खत्म हो जाने के कारण बतखों अपना जीवन बचाने के लिए बस्ती की तरफ आन पड़ा है। कुछ ग्रामीणों ने पक्षियों को बचाने के लिए जगह मिटटी के बर्तनों में पानी भर दिया है। जिससे पक्षियों को भीषण गर्मी में राहत मिल रही है।