संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। महंगाई की मार के चलते लोगों का बुरा हाल है। अब गरीबों की थाली से दाल तक गायब हो गई है। होटलों और रेस्टोरेंट में भी दाल रोटी से काम चलाने वाले लोगों को अब जेब अधिक खाली करनी पड़ रही है। दाल महंगी होने से गरीब वर्ग के लोगों का बजट गड़बड़ा गया है। बाजार में दाल की कीमतें डेढ़ गुना बढ़ गईं हैं।
इस साल महंगाई की मार से जहां आम आदमी परेशान हैं। वही दाल की बढ़ती कीमतों ने भी गरीबों को चटनी, रोटी खाने के लिए मजबूर कर दिया है। 80 रुपये किलो बिकने वाली अरहर की दाल 120 रुपये किलो पहुंच गई है। 65 रुपये के स्थान पर उर्द की दाल 100 रुपये किलो बिक रही है। 75 रुपये किलो बिकने वाली मूंग की दाल 105 रुपये किलो बिक रही है। चना, मसूर, मलका मसूर, मटर सहित अन्य दालों की कीमतों में भी करीब डेढ़ गुना का इजाफा हुआ है।
किराना दुकानदार अप्पू, मनोज सिंधी, और शिवशंकर का कहना है कि इस साल दालों की पैदावार कम होने के कारण दालों की कीमतें बढ़ी हैं। बाहर से आने वाली दालों की कीमतें बढ़ जाने के कारण यहां पर भी दाल महंगी हो गई है। इससे दालों की बिक्री में भी कमी आई है। दो-दो किलो दाल ले जाने वाले ग्राहक अब एक किलो दाल से काम चला रहे हैं।
गरीबों को नहीं मिल रहा दाल का स्वाद
सबसे सस्ता भोजन कहे जाने वाले दाल-रोटी अब गरीबों के लिए मुश्किल हो गया है। स्थिति यह है कि अब गरीब वर्ग के लोग रोटी को अचार और चटनी के साथ खाकर अपना पेट भर रहे हैं। महंगाई की मार ने गरीब वर्ग के लोगों की कमर तोड़ दी है। जिससे छोटे तबके के लोगों की पहुंच से अब दाल भी दूर हो गई है।