बुंदेलखंड में ओलावृष्टि और बारिश से बर्बाद हुई फसलाें का जायजा लेने आई केंद्रीय टीम ने शुक्रवार को विकासखंड कबरई और पनवाड़ी के छह गांवाें का निरीक्षण किया। टीम ने दलहनी फसल में 90 और गेहूं की फसल में 75 फीसदी नुकसान स्वीकार किया।
कबरई प्रतिनिधि के अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा बुंदेलखंड में बेमौसम बारिश से बर्बाद फसलाें का जायजा लेने आई टीम में डिप्टी डायरेक्टर सीईए शांतुन विश्वास, कंसलटेंट एम/ओ ड्रिंकिंग वाटर एंड सेनीटेशन अनीसुर्रहमान, डायरेक्टर डीटीई आफ शुगरकेन डवलपमेंट लखनऊ डॉ. एमसी दिवाकर शुक्रवार को जिलाधिकारी वीरेश्वर सिंह के साथ विकासखंड कबरई के ग्राम सुकौरा में स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान किसानों ने टीम के सदस्याें को गेहूं की बालियां तोड़कर और मसलकर दिखाईं। बताया ओलावृष्टि और बारिश से गेहूं की बालियाें में दाने बेकार हो गए हैं। टीम ने स्वीकार किया गेहूं की फसल को 75 फीसदी और दलहन व तिलहनी फसलों में 90 फीसदी नुकसान हुआ है। इसके बाद टीम ने कैमाहा पहुंचकर बर्बाद फसलों का जायजा लिया। इस मौके पर उप जिलाधिकारी प्रबुद्ध सिंह, उप निदेशक कृषि आरपी चौधरी, नायब तहसीलदार कर्मवीर सिंह, कानूनगो नाथूराम मौजूद रहे।
कनकुआ प्रतिनिधि के अनुसार, केंद्रीय टीम ने विकासखंड पनवाड़ी के ग्राम महोबकंठ पहुंचकर बर्बाद फसल की हकीकत देखी। सहकारी संघ के पास किसानों को एकत्र कर टीम के सदस्याें ने बातचीत की। इस दौरान तमाम किसान अपने खेतों से बर्बाद फसलें लेकर पहुंचे और टीम के सदस्याें को दिखाईं। टीम ने क्षेत्र में ओलावृष्टि और बारिश से भारी नुकसान होने की बात कही। साथ ही बताया रिपोर्ट 11 अप्रैल को दिल्ली में पेश की जाएगी। केंद्रीय टीम ने ग्राम तेइया, सौरा, धवार का भी निरीक्षण किया। इस मौके पर एसडीएम कुलपहाड़ मोहम्मद रिजवान, देवकीनंदन, प्रहलाद सिंह, सत्येंद्र सिंह मौजूद रहे।
20 हजार रुपये प्रति बीघा मिले मुआवजा
महोबा। बुंदेलखंड के किसानों का कृषि ऋण माफ कर किसानों को 20 हजार रुपये प्रति बीघा मुआवजा दिए जाए। इसके अलाव शत-प्रतिशत बीमा लाभ भी दिलाया जाए। बुंदेलखंड किसान यूनियन के पदाधिकारियाें ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन केंद्रीय टीम को सौंप कर यह मांग उठाई।
ज्ञापन में किसानों को 55 वर्ष की आयु पर पांच हजार रुपये प्रति माह पेंशन दिए जाने, बुंदेलखंड में किसान आयोग का गठन किए जाने, किसानों को मुफ्त बीज, पानी और बिजली दिए जाने, पांच किलोवाट सोलर पैनल मुफ्त दिए जाने की भी मांग की गई। साथ ही पशुओं ं के लिए भूसा, चारा की मुफ्त व्यवस्था किए जाने, ऐतिहासिक कीरत सागर तालाब का सीमांकन कराकर खुदाई कराए जाने, फैक्ट्रियां खोलकर किसानाें को रोजगार दिलाकर पलायन रोेकने की भी मांग की गई। ज्ञापन सौंपने वालों में राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल कुमार शर्मा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रवण कुमार, जिला प्रभारी लक्ष्मीकांत, जिलाध्यक्ष रामस्वरूप यादव, श्रीकांत, चित्रकूट प्रभारी अनिल शास्त्री, रमेश राजपूत, रतना देवी शामिल रहीं।