महोबा। डीएम गजल भारद्वाज ने शुक्रवार को शहर के छतरपुर रोड पर स्थित राजकीय बहुउद्देशीय औद्यानिक इकाई का निरीक्षण किया। उन्होंने उद्यान विभाग की ओर से कराए जा रहे कार्यों को देखा और डीएचओ से महोबा की सुप्रसिद्ध जीआई टैग प्राप्त पान की फसल के बारे में जानकारी ली। निर्देश दिए कि संरक्षण के लिए पान की फसल का प्रसंस्करण करते हुए पान उत्पादों को प्रोत्साहित किया जाए।
डीएम ने राजकीय पौधशाला में स्थापित पान बरेजा की जानकारी हासिल की। डीएचओ सुरेश कुमार ने बताया कि प्राचीन समय से पान जनपद महोबा की प्रमुख फसल रही है। पान फसल के संरक्षण के लिए राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत कृषक प्रक्षेत्रों पर पान बरेजा का निर्माण कराया जाता है। जिसमें प्रति एक हजार वर्गमीटर पान बरेजा निर्माण पर किसानों को 50,453 रुपये अनुदान के रूप में डीबीटी के माध्यम से दिए जाते हैं। प्रदेश का एक मात्र पान प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र जनपद महोबा में संचालित है। प्रतिवर्ष जनपद व प्रदेश के पान उत्पादक कृषकों को पान की नवीनतम कृषि पद्धतियों की जानकारी दी जाती है। डीएम ने पौधशाला में बिक्री के लिए अवशेष पौधों के समय से निस्तारण कराए जाने के लिए मुख्यालय में आउटलेट स्थापित करने और डीपीआरओ, ईओ नगर पालिका व उपायुक्त श्रम रोजगार से समन्वय स्थापित करते हुए पौध की उठान कराने के निर्देश दिए। राजकीय पौधशाला प्रभारी देवीचरन कुशवाहा ने बताया कि वर्तमान में पौधशाला में अमरूद, नींबू, आंवला, कटहल, मोसम्मी, करौंदा, जामुन, सहजन, बेल आदि फलदार पौधों का उत्पादन किया जा रहा है।