रविवार को बारह रवि उल अव्वल (बारावफात) त्योहार के मद्देनजर मुस्लिम समुदाय में खासा उत्साह है। जगह-जगह सजावट और स्वागत द्वार बनाए जा रहे हैं। ऊदल चौक, सुभाष चौक, काजीपुरा तिराहा, हवेली दरवाजा सहित कई स्थानों पर स्वागत द्वार बनाने का कार्य अंतिम दौर में चल रहा है। मौसम के विपरीत होने के बाद भी युवओं को उत्साह कम नहीं हुआ। वहीं युवा रिमझिम बारिश के बीच सजावट करने में लगे हुए है। बारह रवि उल अव्वल पर्व को लेकर घर, मस्जिदाें और मजारों में बिजली की आकर्षक सजावट की गई है। दो दिन से हो रही बारिश के बाद भी सजावट के कार्य में कोई व्यवधान नहीं आ रहा है। लोग भीगते पानी में सजावट करने में जुटे हुए हैं। चरखारी प्रतिनिधि के अनुसार, कस्बे में जुलूस-ए-मोहम्मदी जोरशोर से निकाला जाएगा। इसकी सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
इस्लाम के सिद्धांतों का करें पालन
समाजसेवी शिवकुमार गोस्वामी ने कहा कि हजरत मोहम्मद साहब ने अरब के देशों में मानव की यातनाओं भरी जिंदगी से उबरने के लिए इस्लाम धर्म की स्थापना करके सभी को एक मंच पर लाने की पुरजोर कोशिश की। इस बीच उन्हें तमाम कठिनाइयाें का सामना करना पड़। वहां के शहंशाहों ने उन्हें हर तरफ से अपने उद्देश्य में विफल करने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं हटे और मिशन में कामयाब हुए। उन्हाेंने इस्लाम के सिद्धांतों का पालन कर अल्लाह की इबादत करने का संदेश दिया। साथ ही पड़ोसी की खुशी को अपनी खुशी समझने को ही इंसानियत बताया। कहा कि राष्ट्रीय एकता तभी सुदृढ़ होगी जब हम सभी देशवासी एक दूसरे के त्योहार को अपना त्योहार मानकर खुशी का इजहार करें।