विद्युत उपखंड कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करते कर्मचारी
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महोबा। उत्तर प्रदेश विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर सोमवार को बिजली अधिकारियों व कर्मचारियों ने निजीकरण के विरोध में धरना प्रदर्शन कर आरपार की लड़ाई का एलान किया। उन्होंने पूर्वांचल विद्युत निगम के प्रस्तावित विघटन व निजीकरण को निरस्त कराए जाने की मांग की है।
शहर के कीरत सागर स्थित उपखंड कार्यालय परिसर में धरने पर बैठे संघर्ष समिति के अध्यक्ष अनूप कुमार सिंह ने कहा कि विद्युत विभाग का निजीकरण जनता के हित में नहीं है। सरकार निजी कंपनी के मुनाफे के लिए काम करती है। जूनियर इंजीनियर संघ के अध्यक्ष प्रवीण कुमार यादव ने कहा कि निजी कंपनी लागत से कम मूल्य पर किसी भी उपभोक्ता को बिजली नहीं देगी।
बिजली कर्मचारी संघ के मंडल अध्यक्ष देवेंद्र तिवारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बिजली की लागत का औसत 7.90 रुपये प्रति यूनिट है। निजी कंपनी द्वारा एक्ट के अनुसार कम से कम 16 प्रतिशत मुनाफा लेने के बाद 9.50 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली मिलेगी। कर्मचारियों ने निजीकरण को लेकर एक स्वर में विरोध जताया और तख्तियां लेकर नारेबाजी की। इस मौके पर बिजली अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।