महोबा/कबरई। कानपुर -सागर हाईवे में शहर (महोबा) से कबरई तक 18 किलोमीटर सड़क में गड्डे ही गड्ढे है। इससे चार पहिया वाहन तो दूर दो पहिया वाहन चालकों को भी निकलने में डर लगता है। हालत य है कि पड़ताल में तीन किमी सड़क पर 258 बड़े गड्ढे मिले। सड़क के ऐसे हालात तब हैं, जब हर माह होने वाली उद्योग बंधु की बैठक में इस मुद्दे को व्यापारियों ने जोर-शोर से उठाया। डीएम ने भी एनएचएआई के अधिकारियों को सड़क की रिपेयरिंग कराने के निर्देश दिए हैं।
शहर से होकर कानपुर-सागर नेशनल हाइवे-86 गुजरता है। यह सड़क महोबा को उद्योग नगरी कानपुर से जोड़ती है। रास्ते में पत्थरमंडी कबरई है। इस सड़क से रोजाना छह हजार से ज्यादा वाहन गुजरते हैं। रास्ते में महोबा से कबरई तक की सड़क पूरी तरह उखड़ी हुई है। करीब एक साल से उखड़ी इस सड़क पर चलना अपनी जान जोखिम में डालने से कम नहीं है। पिछले दिनों ग्रीन फोरलेन हाईवे बनाने की घोषणा हुई थी और इसका निर्माण कार्य जोर-शोर से चल रहा है लेकिन पुरानी सड़क को दुरुस्त करने की ओर किसी का ध्यान नहीं है।
शहर की हमीरपुर चुंगी से विजय सागर पक्षी बिहार गेट के पास तक एक किमी सड़क में 73 गड्ढे मिले। सीडीओ आवास के सामने, महिंद्रा एजेंसी के पास काफी बड़े-बड़े गड्ढे नजर आए। तीन दिन पहले इन गड्ढों में गिरकर बाइक सवार कबरई निवासी मुकेश सिंह की जान चली गई थी। कबरई से महोबा की ओर आने पर एक किलोमीटर की दूरी में 96 बड़े गड्ढे मिले। इन गड्ढों को स्थानीय व्यापारियों ने क्रशर मालिकों की मदद से डस्ट डालकर भर दिया है, लेकिन रुक-रुककर हो रही बारिश में कई जगहों से यह डस्ट बह गई और फिर से गड्ढे दिखने लगे हैं।
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पत्थर व्यापार हो रहा प्रभावित
पत्थर व्यापारी राजेंद्र कुमार पालीवाल का कहना है कि सड़क खराब होने के कारण पत्थरमंडी आने वाले ट्रकों की संख्या में कमी आई है। इसका व्यापार पर बहुत गहरा असर पड़ा है। कई बार अधिकारियों से मांग के बावजूद सुधार नहीं हो सका।
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वाहनों में ज्यादा होती है टूटफूट
क्रशर व्यापारी प्रणव त्रिपाठी का कहना है कि सड़क में बड़े-बड़े गड्ढे होने की वजह से वाहनों में टूट-फूट ज्यादा हो रही है। इससे पत्थरमंडी में आने वाले ट्रांसपोर्टरों ने दूसरी मंडियों का रुख कर लिया है। उन्होंने उद्योग बंधु की बैठक में कई बार इस मुद्दे को उठाया लेकिन समस्या में जस की तस बनी है।
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कई लोगों की जा चुकी है जान
युवा व्यापार मंडल अध्यक्ष राहुल गुप्ता का कहना है कि सड़क खराब होने से आए दिन होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में कई लोगों की जान जा चुकी हैं। इस सड़क से गुजरने से पहले दो बार सोचना पड़ता है। प्रशासन को जल्द सुधार कराना चाहिए।
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खराब सड़क पर भी पूरा टोल टैक्स
सपोर्टर साबिर हुसैन का कहना है कि हाइवे की बीस किलोमीटर सड़क खराब होने की वजह से गाड़ियों में ज्यादा ईंधन की खपत होती है। इसके बावजूद टोलटैक्स पूरा देना पड़ता है। इससे ट्रांसपोर्टर और क्रशर व्यापारी परेशान हैं।
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मामले में नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के साइट इंजीनियर सत्येंद्र सिंह का कहना है कि गड्ढों को भरने के लिए निर्देश मिले थे। इनमें कंक्रीट डलवा रहे हैं लेकिन बारिश में सीमेंट बह जाता है। इससे परेशानी हो रही है। जैसे ही बारिश खत्म होगी तो सड़क को पेंच रिपेयरिंग करके दुरुस्त कर दिया जाएगा।
फोटो 05 एमएएचपी 06 परिचय-कानपुर-सागर हाईवे पर हमीरपुर चुंगी के पास इस तरह सड़क पर हैं बड़े गड्ढ